पर्युषण महापर्व जैन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वार्षिक आध्यात्मिक पर्व है जिसमें जैन धर्मावलंबी उपवास, त्याग और साधना करते हैं. यह पर्व आत्मा की शुद्धि और उत्थान का पर्व है जिसके द्वारा व्यक्ति अलौकिक आनंद और मोक्ष की प्राप्ति का प्रयास करता है. सरिया निवासी सरिता जैन बीते सात दिनों से पारसनाथ स्थित मधुबन में निर्जल उपवास में हैं. सरिता जैन के पति विकास जैन ने बताया कि उनकी पत्नी सरिता जैन आर्यिका शुभमति माताजी के संग मधुबन शिविर में 28 अगस्त से निर्जला उपवास पर हैं. व्रत छह सितंबर तक चलेगा. जबकि सात सितंबर को शिखर जी में पारण करेंगी. उन्होंने बताया कि सातवें दिन आर्यिका शुभमति माता जी के आदेश मिलने पर उन्होंने अपनी पत्नी को अपने मित्र राजीव जैन के साथ सातवें दिन कंठ गिला करने के लिए हल्का गर्म जल ग्रहण कराया. बताया कि साध्वी वेश में धर्म स्थान में रहकर संसार, परिवार, व्यापार आदि से इस पौषध उपवास में कोई संबंध नहीं रखा जाता. बताया कि इस उपवास को पौषध उपवास के रूप में जाना जाता है. पर्युषण पर्व भगवान महावीर स्वामी के मूल सिद्धांत “अहिंसा परमो धर्म ” तथा “जियो और जीने दो ” का संदेश देता है. पर्युषण पर्व के दौरान 10 लक्षण पर्व भी मनाया जाता है.
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