कई बार स्काॅट के समय पुलिस अधिकारियों को खटारा वाहनों के कारण फजीहत उठानी पड़ती है. वीआइपी वाहनों के स्काॅट करने के दौरान पुलिस की गाड़ी काफी वाहन पीछे रह जाती है. वहीं, क्षेत्र में घटना होने पर समय पर पुलिस को पहुंचने में काफी माथापच्ची करनी पड़ती है. इस स्थिति में क्षेत्र के लोगों को पुलिस की सेवा समय पर नहीं मिल पाती है. हालांकि, इससे निजात के लिए अधिकारी खुद के वाहनों का भी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, पुलिस अधिकारी इस संबंध कुछ नहीं बोलना चाहते हैं.
सभी वाहनों की स्थिति खराब
बेंगाबाद के एनएच मुख्य सड़क को देखते हुए हाइवे पेट्रोलिंग वाहन की सुविधा उपलब्ध करायी गयी थी. लेकिन, यह वाहन मेंटनेंस के अभाव में दम तोड़ चुका है. अब यह वाहन सड़क पर चलने लायक नहीं है. वहीं, बेंगाबाद के अन्य मार्गों में पेट्रोलिंग के लिए उपलब्ध अन्य वाहन की भी स्थिति खराब है. एक बार बंद होने पर दुबारा चालू करने के लिए उसे धकेलने की जरूरत पड़ती है. ऐसे में क्षेत्र में पुलिस अधिकारी व जवानों को हास्य का पात्र बनना पड़ रहा है. कैदी वाहन की स्थिति ठीक है, लेकिन उससे पेट्रोलिंग व स्काॅट नहीं किया जा सकता है.
एनएच से रोज गुजरता है वीआइपी का काफिला
बेंगाबाद के एनएच होकर राज्यपाल, जज, सूबे के कई मंत्री, बड़े अधिकारियों आना जाना लगा रहता है. इस मार्ग होकर देवघर बाबाधाम, एम्स और देवघर एयरपोर्ट जाने में सहूलियत होती है. इसके कारण पुलिस को विशेष चौकस रहना पड़ता है. लेकिन, खटारा वाहनों के कारण पुलिस अधिकारी व कर्मियों को परेशानी होती है. कई बार तो ऐसा होता है कि वीआइपी का काफिला निकल जाता है और स्काॅट वाहन पीछे ही रह जाता है
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