सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस-प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है. इसके बावजूद कुछ लोग सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आ रहे हैं.
जमुआ में पुलिस के सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के बाद ही एक ही बाइक पर पत्नी, बच्चों समेत पांच लोगों के सवार होकर निकलने का मामला सामने आया.
एक तरफ पुलिस की अपील तो दूसरी तरफ अनदेखी
जिला पुलिस की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को हेलमेट पहनने, ओवरलोडिंग से बचने और सुरक्षित वाहन चलाने की अपील की गयी, पर कार्यक्रम समाप्त होते ही इसके पास ही एक बाइक पर पत्नी व बच्चों समेत पांच लोग सवार होकर मुख्य सड़क पर निकल पड़े. यह नजारा देखकर आसपास के लोग भी हैरान रह गये.
जागरूकता के बाद भी लापरवाही क्यों?
एक बाइक पर पांच लोगों का सफर करना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि गंभीर दुर्घटना को न्योता देना भी है. अचानक ब्रेक लगने, संतुलन बिगड़ने या सड़क पर किसी बाधा के आने की स्थिति में बाइक अनियंत्रित हो सकती है. इससे बाइक सवारों के साथ दूसरे राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ सकती है.
जागरूकता का असर रोजमर्रे में नहीं आ रहा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा अभियान लगातार चल रहे हैं, पर जागरूकता का असर व्यवहार में नजर नहीं आ रहा है. सवाल है कि जब पुलिस सामने खड़े होकर नियमों की जानकारी दे रही है, तो लोग उसी के बाद नियमों को क्यों ठेंगा दिखा रहे हैं?
अनदेखी करनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जागरूकता अभियान के साथ नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी कार्रवाई भी की जाए. उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल भाषण और पोस्टर तक सीमित न रहे, बल्कि सड़कों पर भी इसका असर दिखना चाहिए.
