विधिवत आखड़ा पूजा के कुड़माली निहोर गीत न आगरा बंधनु के साथ सोहराय चांचेर और झूमर के साथ किया गया. बगोदर के जीटी रोड माहुरी से घंघरी-गोपालडीह मोड़ तक डहरे सोहराय में लोग जुटे थे. इसमें घंघरी में श्रीश्री दयाल चौधरी कुड़मी आखड़ा की टीम झूमर प्रस्तुत कर समा बांध दिया.
बोकारो से आयी झूमर टीम
बोकारो से आयी लहरबेड़ा नावाडीह झूमर टीम ने भी प्रस्तुति दी गयी. घंघरी में आखड़ा टीम के नेतृत्व कर पूर्व जिप सदस्य गजेंद्र महतो ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी पहचान और संवैधानिक अधिकार कुड़मी को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की मांग और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने पर भी जोर दिया. डहरे सोहराय का आयोजन बिनोद बिहारी महतो चौक, महोरी, शहीद रघुनाथ महतो, बस स्टैंड बगोदर, स्वतंत्रता सेनानी स्व तुला महतो, अकल महतो आखड़ा, सिरय मोड़, शहीद शक्तिनाथ महतो आखड़ा, घाघरा मोड़, गिरधारी महतो आखड़ा, गेंदोंडीह मोड़ हेसला, चांकू महतो आखड़ा, तिरला मोड, टेकलाल महतो आखड़ा, बिनोद उच्च विद्यालय औरा, श्रीश्री दयाल चौधरी आखड़ा घंघरी, स्वतंत्रता सेनानी स्व जीतन महतो, शनिचर महतो आखड़ा मढ़ला, शहीद निर्मल महतो आखड़ा गोपालडीह मोड़ में किया गया. सफल बनाने में जगन्नाथ महतो, खेमलाल महतो, चंद्रदेव महतो, सीताराम महतो, हीरामन महतो, कामेश्वर महतो, भुवनेश्वर महतो, राजेंद्र महतो, जितेंद्र सिंह, लखन मेहता, टेकलाल चौधरी, भोला महतो, त्रिभुवन महतो, शंकर महतो समेत आखड़ा समिति के सदस्य सक्रिय रहे.
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