इस बीच फाटक के दोनों ओर वाहनों की लगभग एक-एक किमी तक कतार लग गयी. गुड्स ट्रेन की शंटिंग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई. वहीं, अप तथा डाउन दोनों ओर से भी मालगाड़ियों को पास कराया गया. इस बीच जाम में छोटे बड़े वाहनों के अतिरिक्त एंबुलेंस भी फंसे रहे. आपाधापी तथा आगे निकलने की होड़ में खासकर दोपहिया वाहन चालक अपने वाहनों के साथ सड़क के दोनों ओर खड़े हो गये. फाटक खुलने के बाद आगे निकलने के चक्कर में आपस में कई बार टक्कर होते-होते बची.
फाटक के बीच बंद हो गये कई वाहन
कभी-कभी रेलवे फाटक के बीचो-बीच कई वाहन खराब हो गये. इससे जाम की स्थिति और विकट हो गयी. सड़क पर डिवाइडर नहीं रहने के कारण इस प्रकार की समस्या प्राय: उत्पन्न होती है. वहीं, वाहन चालक भी यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं. जाम हटाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल तथा सरिया पुलिस प्रशासन सक्रिय रही. जवान रेलवे फाटक के पास खड़ा होकर वाहनों को निकालने में सहयोग किया. जाम की समस्या से निपटने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन शत-प्रतिशत भूमि अधिग्रहण नहीं होने, कुछ रैयतों को मुआवजा नहीं मिलने तथा संवेदक द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण वाहन चालक और राहगीर परेशान रहते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
