हद हो गयी. वेटिंग एरिया व वार्ड के पास लगी वाटर एटीएम डेढ़ वर्ष से है खराब
जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल होने के बाद भी सदर अस्पताल की व्यवस्था ठीक नहीं है. यहां आवे वालों को कई समस्याओं से जूझना पड़ता है. अस्पताल परिसर में पीने का पानी की कोई व्यवस्था नहीं है. अब लगभग ठंड समाप्ति की ओर है. गर्मी शुरू होने वाली है. फिर सदर अस्पताल में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. बता दें कि सदर अस्पताल में प्रतिदिन करीब 400-500 लोग इलाज कराने के लिए जिले के दूर दराज गांवों से पहुंचते हैं. लेकिन उन्हें यहां प्यास लगने के बाद पानी भी पैसों से खरीदकर पानी पीना पड़ता है. सदर अस्पताल के ओपीडी में रोजाना मरीजों और परिजनों की भीड़ लगती है.चिकित्सकों व कर्मियों के लिए है जार की व्यवस्था
अस्पताल के चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जार का पानी मगाया जाता है. लेकिन, मरीज और उनके परिजन के लिए पानी की व्यवस्था कोई नहीं कर रहा है. गर्मी के मौसम में लोगों की सबसे बड़ी जरूरत पीने की पानी की होती है. इसके बावजूद सदर अस्पताल में पेयजल के लिए लोगों को काफा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोग अस्पताल के बाहर दुकानों से पानी का बोतल खरीदने को मजबूर है.एक वर्ष में खराब हो गयीं मशीनें
अस्पताल में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल के वेटिंग एरिया में ढाई वर्ष पहले एक वाटर मशीन लगावा दिया था. लइसके अलावा मरीजों को जहां भर्ती किया जाता है, वहां वार्ड के मरीजों के लिए बने बाथरूम के बगल में भी एक वाटर मशीन लगायी गयी थी. उसका भी यही हाल है. बताया जाता है कि दोनों मशीन एक वर्ष तक ठीक रही. इधर डेढ़ वर्षों से मशीन खराब होकर धूल फांक रही है. ठंड के मौसम में, तो यहां आने वाले मरीज व उनके परिजनों को अधिक परेशानी नहीं हुई, लेकिन गर्मी शुरू होते ही पानी की जरूरत बढ़ेगा और यहां आने वालों को काफी दिक्कती होगी. डेढ़ साल से वाटर मशीन खराब होने के बाद भी अभी तक इसके प्रति स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है.क्या कहते हैं अस्पताल पहुंचने वाले लोग
सदर अस्पताल में अपने पिता का इलाज करवाने के लिए आये पचंबा के मुन्ना वर्मा कहते हैं कि उन्हें पीने का पानी भी खरीद कर लाना पड़ रहा है. लोग मजबूर हैं, इसलिए अपना इलाज करवाने के लिए सदर अस्पताल में आते है. यहां पीने की पानी का कोई व्यवस्था नहीं है. पानी की बोतल को बाहर से खरीदने के लिए मजबूर है. राजधनवार निवासी बबिता देवी अपने छोटे बेटे को लेकर तीन दिनों से अस्पताल में रह रही है. उनका कहना है कि पीने के लिए पानी का एक भी नल नहीं है. पानी खरीद कर पी रही हूं. कहा कि उनका बच्चा छोटा होने के कारण उसे अस्पताल ही छोड़कर बाहर से पानी लेन में भी परेशानी होती है. पचंबा के बकोइया निवासी सुखदेव महतो दो दिन से सदर अस्पताल के वार्ड में भर्ती है. उसका कहना है कि रात में तो पैसा देने के बाद भी पानी नहीं मिलता है, क्योंकि सभी दुकान बंद हो जाती हैं. एक पानी का मशीन लगा हुआ है, लेकिन वहां भी पानी नहीं मिला. अस्पताल कर्मियों से पूछा, तो उन्होंने कहा कि यह मशीन खराब है. जमुआ निवासी शंभु कुमार का कहना है कि वह अपनी बेटी को लेकर तीन दिनों से अस्पताल में है और पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है. कहा कि सदर अस्पताल में पीने के पानी की भारी किल्लत है.मंगवायी जा रही है नयी मशीन : डीएस
सदर अस्पताल के डीएस डॉ राजीव कुमार ने कहा कि गर्मी को देखते हुए वाटर मशीन मंगवायी जा रही है. कुछ दिनों में मशीनें सदर अस्पताल में आ जायेगी. इसके बाद मरीजों को पीने का पानी लेने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
