चिकित्सकों पर लगाया लापरवाही का आरोप, इंकार
शहरी क्षेत्र स्थित विश्वनाथ नर्सिंग होम में शनिवार की देर रात एक मरीज की इलाज के दौरान मौत का मामला प्रकाश में आया है. हादसे के बाद मृतक के परिजन चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर धरना पर बैठ गये और जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया. सूचना पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गयी. मृतक मुफस्सिल क्षेत्र के पांडेयडीह का संतोष शर्मा था. इलाज का भरोसा दे मरीज को पटना से बुलवाने का आरोप : इधर, मृतक के भाई प्रदोष शर्मा ने बताया कि उसके भाई को पथरी की शिकायत थी. गिरिडीह में प्राथमिक इलाज के बाद ऑपरेशन के लिए उन्हें पटना ले जाया गया था, पर विश्वनाथ नर्सिंग होम के चिकित्सकों ने ख़ुद इन्हें सफल ऑपरेशन करने का भरोसा दिलाकर गिरिडीह बुलवा लिया. मृतक के भाई प्रदोष शर्मा ने आरोप लगाया है कि इसके बाद शनिवार की रात उनका ऑपरेशन किया गया, पर कुछ ही देर बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. इसके बाद इस घटना से गुस्साये परिजन अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया और धरना पर बैठ गये.मरीज की मौत मामले में प्राथमिकी दर्ज
इधर, घटना के बाद मृतक के परिजनों ने नगर थाना में चिकित्सक डॉ नीरज डोकानिया के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की है. नगर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है. इस मामले में नगर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. मामला कांड सं 45/25 में धारा 106 के तहत दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांचोपरांत विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी.अस्पताल प्रबंधन ने आरोप को बताया असत्य
मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने आरोप को गलत करार दिया. कहा कि इलाज के लिए मरीज को पटना से गिरिडीह बुलवाने की बात सर्वथा असत्य है. प्रबंधन ने मरीज के ऑपरेशन को सफल बताया. कहा कि थाना में किये गये केस में लगाये गये आरोप की सत्यता जांच के बाद पता चल जाएगी.व्यावसायिक हित के लिए जान के साथ खिलवाड़ उचित नहीं : सुदिव्य
इधर, गिरिडीह के विधायक व झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया और कहा कि व्यावसायिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मरीज के जान के साथ खिलवाड़ उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर मरीज की स्थिति क्रिटिकल थी और इसके केस की हिस्ट्री पीएमसीएच के रिपोर्ट से डॉक्टर को पता हो गयी थी व सीमित संसाधन थे तो केस लेना ही नहीं चाहिए था. श्री सोनू ने कहा कि परिजन के आवेदन पर सुसंगत धाराओं के साथ पुलिस को मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान के बाद विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
