जिले में 2431 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं. लेकिन समय पर पोषाहार नहीं मिलने, खाद्यान्न के बिल का समय पर भुगतान नहीं होने समेत समय पर मानदेय के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बदहाल होती जा रही है. वर्तमान में जहां तीन महीने से पोषाहार नहीं मिला है, वहीं सेविका-सहायिका द्वारा दाल, तेल, मसाला, अंडा आदि की राशि का भी भुगतान अधर में लटका है. सेविका, सहायिका व पोषण सखियों का मानदेय भी कई महीने से लंबित है.
प्रखंड स्तरीय आंगनबाड़ी केंद्र की संख्या
बगोदर में 156, बेंगाबाद में 160, बिरनी में 191, देवरी में 182, धनवार में 264, डुमरी में 228, गांडेय में 187, गावां में 134, गिरिडीह शहरी में 118 तथा ग्रामीण में 219 यानि कुल 2431 आंगनबाड़ी केंद्र हैं.
क्या कहतीं हैं सेविका, सहायिका व पोषण सखी
आंगनबाड़ी केंद्र बुधूडीह टू की सेविका सीमा कुमारी, सहायिका ललिता देवी व पोषण सखी अनीता मुर्मू ने बताया कि 0 से 3 वर्ष के बच्चों, गर्भवती, धात्री व किशोरियों को टीएचआर (पैकेट) सितंबर तक मिला है, जबकि पिछले चार माह से सूखा पोषाहार (पैकेट) नहीं मिला है. बताया कि 03 से 06 तक के लिए चावल मिलता है, लेकिन दाल, तेल, सब्जी, अंडा का भुगतान बिल वाउचर जमा करने के बाद ही दिया जाता है. इसका भी भुगतान अक्तूबर से भुगतान नहीं हुआ है. बताया कि अब तो दुकानदार भी सामग्री देने से आनाकानी करने लगे हैं. वहीं सेविका, सहायिका व पोषण सखी को तीन-चार माह से मानदेय नहीं मिला है.
टेंडर हो चुका है ,जल्द होगा पोषाहार का वितरण : प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी
प्रभारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बीके सिंह ने बताया कि पोषाहार के लिए टेंडर की प्रकिया पूर्ण हो चुकी है. पोषाहार का आवंटन भी हो चुका है. जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार का वितरण किया जायेगा. बताया कि सेविका, सहायिका व पोषण सखी के मानदेय का भुगतान लगातार किया जाता रहा है. यदि कुछ लंबित है, तो आवंटन मिलते ही हो जायेगा.
