देवरी प्रखंड में इस वर्ष अल्पवृष्टि के कारण धान की रोपाई पर बुरा असर पड़ा है. इस चुनौती का सामना करने के लिए किसान अब वैकल्पिक खेती का रुख कर रहे हैं. धान की खेती प्रभावित होने के चलते, क्षेत्र के किसान मक्का, मड़ुआ, मूंग, मूंगफली और अरहर जैसी फसलों की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं.
समय पर बुआई, लेकिन बीज की किल्लत
किसानों ने मक्का, मूंग और अरहर की बुआई का कार्य मई-जून में पूरा कर लिया है, जबकि मूंगफली की बुआई जुलाई में की गई है. किसानों ने अपनी ओर से बुआई का कार्य तो समय पर पूर्ण कर लिया है, लेकिन कृषि विभाग द्वारा बीज वितरण का कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है. प्रखंड कृषि कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, आवंटित बीज का अब तक केवल 50 प्रतिशत ही वितरण हो पाया है.
विभिन्न पंचायतों में वितरण की स्थिति
मक्का: बांसडीह, हरला, हरियाडीह, तिलकडीह और भेलवाघाटी. मूंगफली: कोसोगोंदोदिघी, गादीदिघी, असको, नेकपुरा, जमडीहा, बेड़ोडीह, घसकरीडीह, सिकरुडीह, बैरिया, मारुडीह और ढेंगाडीह. मूंग: चतरो, जमखोखरो, चिकनाडीह, बरवाबाद, सलयडीह (खोरोडीह) और गुनियाथर. अरहर: भेलवाघाटी, खटौरी, घसकरीडीह और चहाल. मड़ुआ: बेलकुशी, बड़कीटांड़ और करमाटांड़.
प्रशासन की प्रतिक्रिया
बीज वितरण में हो रही देरी पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी संजय कुमार साहू ने बताया कि बीजों का आवंटन ही देर से प्राप्त हुआ था. उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे बीज उपलब्ध हो रहे हैं, उनका वितरण किया जा रहा है और विभाग किसानों को समय पर बीज मुहैया कराने का निरंतर प्रयास कर रहा है.
