धर्मेंद्र कुमार शर्मा बताया कि उन्होंने प्रदीप के पुत्र दीपक कुमार वर्मा के खिलाफ चेक बाउंस मामले में मुकदमा (परिवाद संख्या 209/19) दर्ज कराया था. इसी मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए दीपक को दोषी पाया. फैसला सुनाये जाने के बाद जैसे ही वह न्यायालय परिसर की सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी अधिवक्ता प्रदीप कुमार वर्मा ने उनका गला पकड़ लिया और दोनों हाथों से दबाने लगे. उनके साथ आये अधिवक्ता राजीव कुमार के हस्तक्षेप पर उनकी जान बची. उन्होंने बताया कि प्रदीप उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर वहां से चले गये. घटना न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई भी हुई है. इस संबंध में धर्मेंद्र शर्मा ने नगर थाना में आवेदन देकर प्रदीप कुमार वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं, प्रदीप वर्मा ने बताया कि मारपीट का आरोप बेबुनियाद है. बताया कि चेक के साथ छेड़छाड़ की गई है. नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.
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