गिरिडीह. एमएमडीआर अधिनियम को लेकर जमुआ विधायक डॉ मंजू कुमारी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर निशाना साधा है. रविवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो संवेदनशील मुद्दे पर जनता को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है. विधायक ने कहा कि खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम का उद्देश्य खनन क्षेत्र में नियमन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा अवैध खनन पर रोक लगाना है. एमएमडीआर संशोधन को लेकर झामुमो और भाजपा के बीच राजनीतिक मतभेद हाल के दिनों में सार्वजनिक रूप से सामने आये हैं.
छोटे कारोबारियों में भय पैदा करने का लगाया आरोप
डॉ मंजू कुमारी ने आरोप लगाया कि कानून की गलत व्याख्या कर आम लोगों और खनन क्षेत्र से जुड़े छोटे कारोबारियों में भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र के नियमों को लेकर जनता को तथ्यों के आधार पर जानकारी दी जानी चाहिए. विधायक ने राज्य सरकार पर अपनी विफलताओं का ठीकरा केंद्र पर फोड़ने का भी आरोप लगाया.
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उन्होंने कहा कि जनता को किसी भी राजनीतिक दावे पर भरोसा करने से पहले संबंधित कानून और उसके प्रावधानों को समझना चाहिए. केंद्र सरकार के अनुसार 2026 के एमएमडीआर संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र के लिए एक समान वित्तीय ढांचा तैयार करना है.
जेपीएससी-सीजीएल को लेकर सरकार पर सवाल
विधायक ने जेपीएससी-सीजीएल समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षाओं को रद्द करने से युवाओं की परेशानी बढ़ी है और सरकार को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए.
गौरतलब है कि अगस्त में झारखंड सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल समेत कई भर्ती परीक्षाओं को कथित अनियमितताओं के मामले में रद्द करने और कुछ परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला लिया था. इन मामलों की जांच सीआईडी स्तर पर भी चल रही है.
डॉ मंजू कुमारी ने कहा कि राज्य के युवा वर्षों से निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की उम्मीद में तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में सरकार को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ अभ्यर्थियों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए.
अधिकारियों पर भी लगाया आरोप
विधायक ने राज्य में अधिकारियों के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी जनता के कार्यों के बजाय सरकार की खुशामद में लगे हुए हैं. उन्होंने प्रशासन से आम लोगों की समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता से काम करने की मांग की.
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