झारनेट एक सूचना और संचार नेटवर्क है. इसके सुविधा कक्ष में कबूतरों ने अपना आशियाना बना लिया है. लाखों रु की सागत से बने झारनेट कक्ष पर इन दिनों कबूतरों ने अपना कब्जा जमा लिया है. इसे देखनेवाला कोई नहीं है, फलत: वर्षों से इस कक्ष में गंदगी फैली हुई है. इससे प्रखंड के सभी कार्यालयों में इंटरनेट की सुविधा शून्य है. कंप्यूटर ऑपरेटर एक ही लाइन में आम ग्रामीणों को यह कहकर लौटा दे रहे हैं कि ब्लॉक में लगा झारनेट खराब है.
क्या कहते हैं बीडीओ
जमुआ के बीडीओ अमलजी ने कहा कि इसकी सुविधा जमुआ में पिछले कई वर्षों से कंप्यूटर ऑपरेटरों को नहीं मिल पा रही है. पदस्थापना के बाद से ही झारनेट खराब पड़ा है. कमरे के पीछे की खड़की का शीशा टूटा हुआ है. उसी स्थान से कबूतरों के झुंड ने झारनेट के कमरे में घुसकर मशीन को खराब कर दिया है. पूर्व के बीडीओ झारनेट खराब होने की सूचना संबंधित एजेंसी को दे चुके थे. रांची से एक इंजीनियर भेजा गया है. वही इसकी जांच कर रहे हैं.
क्या कहते हैं इंजीनियर
रांची से आये इंजीनियर अक्षय सिंह ने बताया कि सर्विस सेंटर से उन्हें झारनेट की सुविधा की जांच करने को भेजा गया है. यहां आने पर पता चला कि कबूतरों ने पूरी मशीन को गंदा कर दिया है. साथ ही तार-केबल आदि को नष्ट कर दिया है. जांच रिपोर्ट रांची सर्विस सेंटर को सौंपी जायेगी, फिर इसे ठीक कराया जायेगा.
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