विश्वेश ज्योतिष अनुसंधान केंद्र बरगंडा गिरिडीह में जीवित पुत्रिका व्रत निर्णय के लिए एक विद्वत गोष्ठी आयोजित की गयी. सभा की अध्यक्षता सार्वभौम शाकद्विपीय ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष आचार्य हेमंत कुमार पाठक ने की. कहा कि आज के कई पंचांगों में गणित एवं धर्मशास्त्र के निर्णय में काफी अंतर है. इस कारण लोग असमंजस की स्थिति में हैं. ज्योतिषाचार्य श्री पाठक ने बताया कि दृश्य गणितानुसार बने शताब्दी पंचांग एवं अन्य सौर गणना के आधार पर दिनांक 14 सितंबर को सुबह 05:08 बजे अष्टमी तिथि है. सूर्योदय प्रातः 05:30 बजे है. पंडित आशीष मिश्र एवं हीरालाल पाठक ने कहा कि जीवित पुत्रिका व्रत आश्विन कृष्ण सप्तमी रहित अष्टमी को मनाया जाता है. अतः सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि जीवित पुत्रिका व्रत का उपवास एवं अन्य धार्मिक कृत्य 14 सितंबर को किया जायेगा. पारण 15 सितंबर को सूर्योदय उपरांत होगा. इसपर राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक उपाध्याय, गिरिडीह के सचिव पंकज मिश्र, गौरी शंकर पाठक, आत्मा राम पाठक, श्यामसुंदर पाठक, मुकुंद मुरारी मिश्र, सत्य नारायण पाठक आदि विद्वानों की सहमति रही.
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