यह वैक्सीन एचपीवी संक्रमण से बचाव करती है, जो महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. वर्ष 2010 से वैक्सीन निजी क्षेत्र में उपलब्ध था, लेकिन इसकी कीमत अधिक होने के कारण आम लोगों की पहुंच से बाहर था. इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र व राज्य सरकार ने इसे अब निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. योजना के तहत झारखंड के सभी सदर अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी किशोरियों को यह वैक्सीन मुफ्त दिया जा रहा है.
आधार या आयु प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य
इस संबंध में जिले के सिविल सर्जन डॉ बच्चा प्रसाद ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और उच्च गुणवत्ता वाला है. यह वैक्सीन वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है और इससे किसी तरह के गंभीर दुष्प्रभाव की आशंका नहीं है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे जागरूक होकर अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण करवाकर भविष्य के गंभीर खतरे से बचायें. टीकाकरण के लिए अभिभावकों को बच्चियों के साथ आधार कार्ड या आयु से संबंधित कोई प्रमाणपत्र लाना होगा, ताकि पात्रता की पुष्टि की जा सके. उन्होंने इसके लिए सदर अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने का आह्वान किया. कहा कि समय पर टीकाकरण ना सिर्फ बीमारी से बचाव करता है, बल्कि बेटियों को एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य भी देता है.
