Giridih News : गिरिडीह की स्मृति 96.6 प्रतिशत अंक पाकर बनीं जिला टॉपर

Giridih News : पीरटांड़ के मॉडल स्कूल की छात्रा स्मृति कुमारी का राज्यभर में नौवां स्थान

Giridih News : सीमित संसाधन, शिक्षक की कमी और स्कूल की अपनी बिल्डिंग ना होने जैसी चुनौतियों के बावजूद गिरिडीह जिले की बेटी स्मृति कुमारी ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल की मैट्रिक परीक्षा 2025 में जिले में पहला स्थान प्राप्त की है. 500 में से 483 (96.6 प्रतिशत) अंक हासिल कर स्मृति जहां गिरिडीह जिला टॉपर बनी हैं, वहीं राज्य भर में 44वां स्थान प्राप्त कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है. स्मृति कुमारी पीरटांड़ प्रखंड स्थित मॉडल स्कूल की छात्रा है. उनकी इस असाधारण उपलब्धि से विद्यालय, परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गयी है. लोग स्मृति को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं और बेहतर कॅरियर के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं.

चुनौतियों से भरी रही पढ़ाई :

स्मृति ने बताया कि कक्षा पांच तक की पढ़ाई उसने उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हेतोला पालगंज से की. इसके बाद छठी कक्षा में मॉडल स्कूल, पीरटांड़ में दाखिला लिया. स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी रही. पूरे स्कूल में सिर्फ तीन विषयों हिंदी, इंग्लिश और सोशल साइंस के शिक्षक थे. गणित और विज्ञान जैसे अहम विषयों के लिए कोई शिक्षक नहीं थे. इतना ही नहीं, मॉडल स्कूल की अपनी बिल्डिंग भी नहीं है. स्कूल की पढ़ाई हाई स्कूल की बिल्डिंग में शिफ्ट कर दी गयी थी, जहां एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को मर्ज कर पढ़ाया जाता था, लेकिन इन तमाम चुनौतियों के बावजूद स्मृति ने हार नहीं मानी और ऑनलाइन क्लासेज का सहारा लेकर अपनी पढ़ाई जारी रखी.

बनना चाहती है इंजीनियर :

स्मृति ने बताया कि उनके पिता अशोक कुमार सिंह यूपीएस कोईवाटांड़ स्कूल में सहायक अध्यापक हैं. जबकि मां कलावती देव गृहिणी हैं. उनकी बड़ी बहन अनीशा कुमारी बोकारो के गवर्नमेंट वीमेंस पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा कर रही है, जबकि छोटा भाई अनुपम परमार उन्हीं के स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र है. स्मृति का सपना आइआइटी मुंबई में दाखिला लेकर इंजीनियर बनना है. उन्होंने बताया कि वह आगे की पढ़ाई कोटा से करना चाहती है स्मृति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है.

सरकार से की शिक्षकों की व्यवस्था की अपील :

स्मृति ने कहा कि उनके जैसे कई छात्र-छात्राएं हैं, जो प्रतिभाशाली हैं, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है. उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से अपील की कि स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की जाये, ताकि सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.

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Published by: Manoj kumar

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