मौके पर डीसी ने कहा कि पोलियो उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग का एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को बेहतर माइक्रो प्लानिंग, प्रभावी मॉनिटरिंग तथा आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया.
विभागों को निभानी है सक्रिय भूमिका
अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीसी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. साथ ही सभी प्रखंडों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने को कहा. डीसी ने अभियान के प्रथम दिन बूथों पर कम से कम 95 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अधिकाधिक बच्चों को बूथ तक लाने के लिए पूर्व से ही व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन जागरूकता अभियान चलाया जाए. ग्रामीण क्षेत्रों, दूरस्थ गांवों तथा विशेष समुदायों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने के लिए सभी संबंधित विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया.
अधिकारियों की सहभागिता
डीसी ने बताया कि सीएचसी स्तर से सब-डिपो के माध्यम से सभी बूथों तक वैक्सीन की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी. अभियान के सफल संचालन के लिए 4793 स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इसके अतिरिक्त सुपरवाइजरों, ट्रांजिट टीमों एवं मॉनिटरिंग टीमों की तैनाती भी की जायेगी. बैठक में सीएस, डीएसडब्ल्यूओ, डीपीआरओ, डीइओ, डीएसइ, सभी पीओ, सभी बीपीसी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
