इसके बाद भी सीओ संदीप मधेसिया ने 10 जून को ज्ञापांक 602 के तहत पडरिया गांव के ही 16 लोगों के नाम पर नोटिस जारी किया. नोटिस में अडवार शब्द ही हटा दिया गया है. इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है. शनिवार को आधा दर्जन ग्रामीण सीओ से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे, लेकिन सीओ निकल गये. इसके बाद ग्रामीणों ने प्रमुख रामू बैठा को इसकी सूचना दी. प्रमुख ने ग्रामीणों से कहा कि नोटिस से अडवार शब्द हटाना गलत है.
सीओ कार्यालय में हुई बैठक
सोमवार को काफी संख्या में ग्रामीण पडरिया के मुखिया विजय दास, उपप्रमुख सह भाकपा माले के प्रखंड सचिव शेखर सुमन दास, माले नेता सीताराम पासवान, इम्तियाज अली व मन्नू दास को साथ लेकर सीओ के कार्यालय पहुंचे. नोटिस से अडवार शब्द को हटाने को लेकर ग्रामीणों व सीओ के बीच तीखी बहस हुई. सीओ ने कहा कि गलती हुई है, इसे सुधार दिया जायेगा. कहा कि 23 जून को संबंधित अतिक्रमण करनेवालों से जमीन से संबंधित कागजात की मांग की गयी है. ग्रामीणों ने सीओ के समक्ष आरोप लगाते हुए कहा कि आखिर वे किसके दबाव में आकर काम कर रहे हैं, जो गलत तरीके से नोटिस निकाल रहे हैं. लोगों ने सीओ से पूछा कि प्लॉट 408 में बीरेंंद्र बरनवाल के नाम से नोटिस किया गया है, जबकि वह किरायेदार हैं. जमीन का मालिकाना हक किसी और का है, फिर बीरेंद्र बरनवाल का नाम किसने दिया. सीओ ने कहा कि कर्मचारी व सीआई की रिपाेर्ट है. उपप्रमुख कहा कि गलत रिपोर्ट कर्मचारी और सीआई कैसे दे सकते हैं. क्या वे इन दोनों पर कार्रवाई करेंगे, तो सीओ ने कहा कि पूछा जायेगा.
मृतक के नाम भी जारी किया नोटिस
ग्रामीणों ने बताया कि पिंटू शर्मा की मौत हो गयी है, बावजूद प्लॉट 82 में उनके नाम से नोटिस निकाल दिया गया है. कहा कि सीओ अडवार जमीन का फैसला नहीं देकर अलग-अलग लोगों के नाम से नोटिस निकाल रहे हैं, ताकि ग्रामीण आपस में लड़ते रहें, लेकिन वे ऐसा कभी नहीं होने देंगे. कहा कि यदि अडवार शब्द को जोड़ा नहीं गया और इसे अतिक्रमण मुक्त नहीं कर किया गया, तो वह बड़े आंदोलन करने को बाध्य होंगे. कहा कि पूर्व में भी इस जमीन को लेकर जो भी नोटिस तामिला कराया गया है, उसमें स्पष्ट रूप से अडवार जमीन के रूप में संबोधित किया गया था. अडवार शब्द हटाकर हमारे पारंपरिक और कानूनी दावों को जड़ से मिटाने की कोशिश की गयी है.
सीओ ने कहा
सीओ ने कहा कि नोटिस को सुधारा जायेगा. अभी तक खाता संख्या 45, प्लॉट 82, कुल रकबा 21 एकड़ 75 डिसमिल जमीन से संबंधित कागजात अंचल कार्यालय में जमा नहीं किया गया है. मौके पर ग्रामीण रामरतन यादव, दुर्गा साव, कामेश्वर यादव, गोबिंद साव, नरेश साव , सिकंदर ठाकुर, संतोष दास समेत अन्य मौजूद थे.
