Giridih News: बेल की अच्छी खेती से किसानों में खुशी

Giridih News: गिरिडीह जिले के प्रसिद्ध व्यावसायिक मंडी सरिया कई मामलों में अग्रणी है. यहां एफसीआई के गोदाम, सीमेंट गोदाम, बैंक, विद्यालय सहित कई बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं. एक उन्नत बाजार होने के कारण हजारों लोगों को प्रतिदिन रोजगार मिलता है. इसके अतिरिक्त यह क्षेत्र विभिन्न प्रकार के फलों-सब्जियों को समय-समय पर थोक के भाव विभिन्न प्रदेशों को भेजते हैं.

इन दिनों सरिया में किसानों के बगीचे में बेल के पेड़ फलों से लदे हुए हैं. इससे किसानों में खुशी का माहौल है. गौरतलब है कि गर्मी के दिनों में इसकी मांग बढ़ जाती है. कालेश्वर महतो ने बताया कि उनके बगीचे में अलग-अलग किस्म के बेल के पेड़ हैं. जो इन दिनों फलों से लदे हुए हैं. बताया कि खासकर मई और जून के महीने में इसकी खूब बिक्री होती है. हर साल 10 से 15 हजार रुपये की आमदनी होती है. वहीं इसे उपजाने में कोई खास मेहनत भी नहीं होती. शंकर प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष उनके बगीचे में बेल की अच्छी खेती हुई है. वे व्यापारियों को थोक भाव में बेल बेचते हैं.

बंगाल, बिहार और यूपी भेजे जाते हैं बेल के फल

व्यवसायी अवध किशोर ने बताया कि स्थानीय लोगों से बेल की खरीदी कर थोक भाव में पश्चिम बंगाल के कोलकाता, वर्धमान, आसनसोल बिहार के कटिहार के अलावा यूपी के कई शहरों में बेचते हैं. यह व्यापार अगस्त महीने तक चलता है.

कभी बंगाली कोठियों और उनके बगीचों के लिए मशहूर था सरिया

बता दें कि कभी सरिया बंगाली कोठियों तथा उनके बगीचों के लिए मशहूर था. परंतु बदलते समय के अनुसार आज बंगाली कोठियां बिक चुकी है. परंतु उनके द्वारा लगाए गए बगीचे में विभिन्न प्रकार के फलदार वृक्ष तथा औषधीय पौधे आज भी विद्यमान हैं. आम, जामुन, बेल, कटहल, लीची जैसे फलदार वृक्ष आज भी लोगों को विभिन्न ऋतुओं में आर्थिक लाभ पहुंचाते रहे हैं. सरिया नगर पंचायत क्षेत्र के अतिरिक्त पूरे प्रखंड क्षेत्र में हजारों की संख्या में बेल के पेड़ आज भी उपलब्ध है जो फलों से लदे हुए हैं. औषधीय गुणों के कारण बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. किसानों को भी अच्छा लाभ मिलता है.

औषधीय गुणों से भरपूर है बेल : डॉ ललन कुमार

बेल से होने वाले लाभ के संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरिया में कार्यरत डॉ ललन कुमार बताते हैं कि बेल एक दिव्य वृक्ष है. औषधिय गुणों से भरपूर होने के कारण इसे अमृत फल, श्रीफल भी कहा जाता है. जगह-जगह लोग इसे अलग-अलग नाम से भी जानते हैं. बेल के सेवन से बदहजमी, मूत्र रोग, हृदय रोग, आंखों का रोग, दस्त, कब्ज, वात पित्त विकार से मुक्ति मिलती है. डायबिटीज, गैस्टिक, ल्यूकोरिया, पेचिस, मांसपेशियों के दर्द को दूर करने में भी यह रामबाण का काम करता है. बेल से कई आयुर्वेदिक दवाइयां भी बनाई जा रही हैं. गर्मी में लू से बचने के लिए आवश्यक रूप से इसका सेवन करने की बात कही.

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By Mayank tiwari

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