विधायक मंगलवार को समाहरणालय के समक्ष आयोजित प्रदर्शन से पूर्व पपरवाटांड़ में सभा को संबोधित कर रहे थे. यह प्रदर्शन भाकपा माले, असंगठित मजदूर मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान महासभा ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था.
बैठाये गये मजदूरों की सम्मानजनक बहाली की मांग
इस दौरान सिंदरी विधायक श्री महतो ने कहा कि बालमुकुंद आयरन फैक्ट्री से 17 स्थानीय मजदूरों की छंटनी अन्यायपूर्ण है. उन्होंने कहा कि उन मजदूरों की सम्मानजनक बहाली होनी चाहिए. प्रदर्शन के पश्चात डीसी को एक स्मार पत्र सौंपकर लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की गयी. मौके पर पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि बकरीद के मद्देनजर प्रशासन के अनुरोध पर आंदोलन स्थगित किया गया था, पर अब प्रशासन को अपना वादा निभाना चाहिए.
प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ रोष
पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने आरोप लगाया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और फ्लाई ऐश के कारण हजारों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है. उन्होंने जिला स्तरीय जांच कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कार्रवाई की मांग की. असंगठित मजदूर मोर्चा के महासचिव निताय महतो उद्योगों के सीएसआर फंड से स्थानीय लोगों को लाभान्वित करने और वन भूमि पर रह रहे भूमिहीनों एवं आदिवासियों को वन पट्टा देने की मांग की.
डीसी ने गठित की संयुक्त जांच कमेटी
स्मार-पत्र सौंपने के बाद डीसी रामनिवास यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया. डीसी के निर्देश पर सीओ, एसडीओ और एसडीपीओ की संयुक्त जांच कमेटी गठित की गयी है. प्रशासन ने कहा कि जांच टीम जल्द ही बालमुकुंद फैक्ट्री से निकाले गये 17 मजदूरों से मुलाकात करेगी और शिकायतकर्ताओं का पक्ष भी सुनेगी.
नेताओं ने प्रशासन को याद दिलाया वादा
संगठनों ने डीसी द्वारा गठित जांच कमेटी का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जांच के बाद त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता और संबंधित संगठन मिलकर बड़े पैमाने पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेंगे.
ये थे मौजूद
कार्यक्रम में जिला सचिव अशोक पासवान, राजेश सिन्हा, असंगठित मजदूर मोर्चा के जिला सचिव कन्हाई पांडेय, परमेश्वर महतो, मुन्ना राणा, सीताराम सिंह, जयंती चौधरी, पवन महतो, सरिता महतो, सलामत अंसारी, उसमान अंसारी, कौशल्या दास, भोला मंडल, लालमुनी यादव, सकलदेव यादव, जयनारायण यादव समेत काफी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे.
