विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था, प्रभावी प्रबंधन, नवाचार और आधारभूत संरचना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को अध्ययन के अवसर दिये जा रहे हैं. इसी क्रम में गिरिडीह जिले के गोल्ड सर्टिफिकेशन प्राप्त आठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का चयन पांच दिवसीय एक्सपोजर विजिट के लिए किया गया है. सभी प्रधानाध्यापक 16 सितंबर को राजस्थान के लिए रवाना होंगे. अध्ययन यात्रा के दौरान उन्हें विद्यालयों में अपनायी जा रही बेहतर व्यवस्थाओं और नवाचारों को समझने का अवसर मिलेगा.
राज्य के 1456 विद्यालयों का हुआ था सर्टिफिकेशन
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 में थर्ड पार्टी के माध्यम से राज्य के 1456 विद्यालयों का स्कूल सर्टिफिकेशन कराया गया था. इसमें 82 विद्यालयों को गोल्ड सर्टिफिकेशन मिला. गिरिडीह जिले के आठ विद्यालय भी इस स्वर्ण श्रेणी में शामिल हैं.
विद्यालयों के सर्वांगीण विकास, प्रभावी प्रबंधन, शैक्षणिक सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और आधारभूत संरचना में किये गये बेहतर कार्यों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को एक्सपोजर विजिट का अवसर दिया गया है.
धनवार के दो प्रधानाध्यापक भी होंगे शामिल
पांच दिवसीय अध्ययन यात्रा में धनवार प्रखंड के दो विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शामिल हैं. इनमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय विशुनपुर के वरुण राय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की निवेदिता कुमारी शामिल हैं.
इनके अलावा गावां प्रखंड के अपग्रेडेड उच्च विद्यालय जमडार के अभय कुमार चतुर्वेदी, जमुआ के उच्च विद्यालय नवडीहा के ऋषिकांत सिन्हा और मध्य विद्यालय चतरो देवरी की अनीता मुर्मू भी राजस्थान जायेंगी.
आठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का चयन
गांडेय के उत्क्रमित मध्य विद्यालय पंडरिया के हेमंत रवानी, गिरिडीह के लक्ष्मीबाई मध्य विद्यालय के संजय कुमार और पीरटांड़ के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मंगर तिलैया के दीपक कुमार अग्रवाल भी चयनित प्रधानाध्यापकों में शामिल हैं.
इस तरह जिले के आठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापक पांच दिवसीय अध्ययन यात्रा में हिस्सा लेंगे. यात्रा का उद्देश्य केवल भ्रमण नहीं, बल्कि विद्यालय प्रबंधन और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े प्रभावी प्रयोगों को समझना और उनसे सीख लेना है.
बेहतर प्रयोगों को विद्यालयों में लागू करने का अवसर
एक्सपोजर विजिट के दौरान प्रधानाध्यापक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रभावी प्रबंधन, नवाचार, आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने से जुड़े तरीकों का अध्ययन करेंगे. इससे उन्हें अपने-अपने विद्यालयों में बेहतर व्यवस्थाओं और उपयोगी प्रयोगों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की इस पहल का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के साथ विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास की संस्कृति को मजबूत करना है.
