सरिया के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल राजदहधाम, जहां उत्तरवाहिनी बराकर नदी की अविरल जलधारा बहती है, वहां मंगलवार को युवती के पिता ने परिवार और गांव के लोगों की मौजूदगी में बेटी का प्रतीकात्मक चित्र बनाकर विधि-विधान से पुरोहित द्वारा पिंडदान कर दिया. हिंदू धर्म में पिंडदान सामान्यतः मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है. ऐसे में जीवित बेटी का प्रतीकात्मक चित्र बनाकर पिंडदान किये जाने की यह घटना चर्चा का विषय बन गयी. बताया जाता है कि युवती अपने प्रेमी के साथ घर से चली गयी और बाद में उससे विवाह कर सोशल मीडिया में वीडियो साझा कर दिया.
20 जून को होने वाली थी
शादी
युवती के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 20 जून को होनी थी. विवाह की सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी थीं. इसी बीच, 12 जून की रात मौका देख बेटी घर से फरार हो गयी. युवक गांव का ही रहनेवाला है. घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में आ गया. पिता ने बताया कि बेटी के इस कदम से उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से काफी आघात पहुंचा है. इसी पीड़ा में उन्होंने बेटी का श्राद्ध किया है.
