इसका उद्देश्य जिले में उत्पादित आम को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना तथा किसानों व महिला लाभुकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना था. डीडीसी ने बताया कि झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में बड़ी संख्या में आम बागवानी विकसित की गयी है.
जिले की 3100 महिलाएं बागवानी से जुड़ी हैं
वर्तमान में जेएसएलपीएस से जुड़ी लगभग 3100 महिला लाभुक आम बागवानी से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं. इन महिलाओं व उनके परिवारों की आजीविका का एक महत्वपूर्ण आधार आम उत्पादन है. कार्यक्रम के दौरान आमों की प्रदर्शनी भी लगायी गयी. प्रदर्शनी में आम की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता व विपणन संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया, जिसकी उपस्थित खरीदारों एवं आगंतुकों ने सराहना की. डीडीसी ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार किए गए बागानों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब किसानों और महिला लाभुकों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो. इसके लिए जिला प्रशासन किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने का प्रयास कर रहा है.
बायर-सेलर मीट का उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका कम करना
बायर-सेलर मीट का उद्देश्य उत्पादकों और खरीदारों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है, ताकि बिचौलियों की भूमिका कम हो और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके. बैठक में खरीदारों, व्यापारियों, एफपीओ प्रतिनिधियों व आम उत्पादकों के साथ आम की खरीद-बिक्री, गुणवत्ता, पैकेजिंग, परिवहन तथा बाजार विस्तार पर चर्चा की गयी. उत्पादकों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन व विपणन की जानकारी दी गयी.
