प्रभात खबर टोली, देवरी/गांडेय/गावां/बिरनी/जमुआ/बगोदर
गिरिडीह : गिरिडीह जिले में मंगलवार को हुई बारिश के दौरान आसमान से आफत बरसी. जिले के छह प्रखंडों में ठनका (वज्रपात) गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार किशोर समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हो गए. इसके अलावा दो मवेशियों की भी जान चली गई. घटना के बाद पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई. पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है. जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा देने की घोषणा की है.
देवरी में सबसे बड़ा हादसा, चार किशोरों की मौत
सबसे दर्दनाक घटना देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी में शाम करीब पांच बजे हुई. गोसाईं आहर के पास बरगद के पेड़ के नीचे बैठे पांच किशोर अचानक वज्रपात की चपेट में आ गए. इनमें चार किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया.
मृतकों में अर्जुन कुमार साव (17), विष्णुदेव साव (13), अभिनंदन साव उर्फ गजेंद्र (15) और कुश कुमार तिवारी (18) शामिल हैं. इनमें अर्जुन, विष्णुदेव और अभिनंदन एक ही परिवार के थे. घायल उमेश यादव (17) का इलाज चल रहा है.
इसी प्रखंड के बांसडीह गांव के तिलयडीह टोला में धान के खेत में काम कर रहे संतोष तिवारी (40) की भी ठनका गिरने से मौत हो गई, जबकि विक्रम तिवारी घायल हो गए.
गांडेय में खेत में काम कर रहे युवक की मौत
गांडेय प्रखंड के कर्रीबांक पंचायत स्थित ओझाडीह गांव में खेत की मेड़बंदी कर रहे पप्पू हांसदा (32) की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई.
गावां में महिला की मौत, दो मवेशियों की भी गई जान
गावां थाना क्षेत्र के पटना गांव निवासी पूनम देवी (35) की खेत में ठनका गिरने से मौत हो गई. वह अन्य महिलाओं के साथ धान रोपने गई थीं और दोपहर में बरगद के पेड़ के नीचे बैठी थीं, तभी यह हादसा हुआ.
वहीं पसनौर पंचायत के अंबासखुआ गांव में वज्रपात से दो मवेशियों की मौत हो गई, जबकि तीन चरवाहे झुलस गए.
बिरनी, जमुआ और बगोदर में भी जानलेवा वज्रपात
बिरनी प्रखंड के बेडगरो गांव में खेत की मेड़ बांध रहे यूनुस मियां (65) की वज्रपात से मौत हो गई.
जमुआ प्रखंड के बधैयडीह गांव में अनिता देवी (34) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि मालती देवी और रूबी देवी घायल हो गईं. दोनों का इलाज गिरिडीह सदर अस्पताल में चल रहा है.
बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको में नहर निर्माण कार्य में लगे समीर गिद (47) की भी वज्रपात से मौत हो गई. वहीं महावीर तुरी और खेमिया देवी घायल हो गए.
जनप्रतिनिधियों ने परिजनों से की मुलाकात
घटना की सूचना मिलने के बाद जमुआ विधायक मंजू कुमारी समेत कई जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी. जिला प्रशासन ने भी मृतकों के परिजनों को आपदा राहत मद से सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है.
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