बताते चलें कि कतरास से बनारस रेलवे स्टेशन अंतर्गत मंडुवाड़ीह के लिए कोयले से लदी मालगाड़ी बुधवार को निकली थी. निमियाघाट स्टेशन पर किसी ने मालगाड़ी के डब्बे से धुआं निकलते देखा. इसकी सूचना निमियाघाट स्टेशन प्रबंधक को दी गयी. स्टेशन प्रबंधक ने इसकी जानकारी पारसनाथ स्टेशन को दी. साथ ही रेलवे कंट्रोल धनबाद को भी जानकारी मिली. पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर लगी आग को बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहने के कारण हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन प्रबंधक को बुधवार की शाम लगभग 4:30 बजे इसकी सूचना मिली. हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन प्रबंधक फायर ब्रिगेड को सूचित किया. अग्निशमन दल शाम के लगभग सात स्टेशन पहुंची और मालगाड़ी का इंतजार करने लगी. शाम को 7:44 बजे मालगाड़ी गुड्स शेड के पास पहुंची. इसके पश्चात दमकल विभाग के कर्मियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. इस बीच सुरक्षा तो लेकर कुछ देर के लिए प्लेटफॉर्म पर बिजली काट दी गयी. इसके कारण स्टेशन परिसर में अंधेरा छाया रहा. ट्रेन के गार्ड संदीप तिवारी, लोको पायलट राजीव कुमार व सहायक लोको पायलट राजीव कुमार की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से टला. हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन प्रबंधक राजेश कुमार लाल ने बताया कि कंट्रोल रूम धनबाद से जैसे ही यह सूचना मिली, वैसे ही हजारीबाग रोड स्टेशन पर ट्रैक्शन व विद्युत विभाग की टीम अलर्ट मोड में आ गयी. इस घटना से ट्रेन के परिचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा.
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