इस पद के दावेदारों ने पार्षदों के चुनाव के बाद से ही नब्ज टटोलना शुरू कर दिया है. वार्ड पार्षदों की पसंद और नापसंद के साथ-साथ उन्हें प्रभावित करने के तरीके को खंगालने की कोशिश की जा रही है. अभी तक इस पद के लिए पांच दावेदारों के नाम की चर्चा जोरों पर है.
अब तक पांच पार्षदों के दावेदारी की चर्चा
चुनावी सरगर्मी पर भाजपा और जेएमएम दोनों दलों ने नजरें जमा रखी है. लेकिन, अपनी दूरी भी बनाये हुए हैं. अब तक जिन नामों की चर्चा चल रही है उनमें नीलम झा, सुमित कुमार, मो. लल्लू उर्फ लालो, संजीव कुमार और दीपक यादव शामिल हैं. संजीव कुमार और दीपक यादव भाजपा से जुड़े हुए हैं, जबकि नीलम झा, सुमित कुमार और मो. लल्लू उर्फ लालो जेएमएम से जुड़े हुए हैं.
हॉर्स ट्रेडिंग की संभावना, मोल-तोल शुरू
गौरतलब बात यह है कि कुछ दावेदारों ने महापौर व पार्षदों के चुनावी परिणाम आने के साथ ही मतगणना केंद्र से ही अपनी गतिविधि शुरू कर दी थी. कुछ दावेदारों ने मतगणना केंद्र में ही उन पार्षदों का मोबाइल नंबर लेना शुरू कर दिया था, जिसने वार्ड में अपनी चुनावी जीत दर्ज करायी थी. जानकारी के मुताबिक कुल 36 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों में से सात वार्ड पार्षद प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा, जबकि लगभग 18 से 20 वार्ड पार्षद झामुमो से जुड़े बताये जा रहे हैं. इधर, झामुमो ने रविवार को नवनिर्वाचित महापौर और वार्ड पार्षदों के सम्मान समारोह के बहाने उनके नब्ज को टटोलने की कोशिश के साथ-साथ उन्हें एकजुट करने का प्रयास किया है.सम्मान समारोह में 28 पार्षदों के पहुंचने से झामुमो गदगद
सम्मान समारोह में इस सम्मान समारोह में गिरिडीह नगर निगम के नवनिर्वाचित 36 वार्ड पार्षदों में से लगभग 28 वार्ड पार्षदों के भाग लेने की बात सामने आयी है. समारोह में शामिल वार्ड पार्षदों को तीर धनुष के चुनाव चिह्न वाला गमछा ओढ़ा कर सम्मानित किया. बताया जा रहा है कि झामुमो द्वारा आयोजित इस समारोह में भाजपा से जुड़े एक दो पार्षदों ने भी भाग लिया है. हॉर्स ट्रेडिंग की भी पूर्ण संभावना बनी हुई है. वार्ड पार्षदों का नब्ज टटोलने के साथ-साथ मोल तोल भी शुरू कर दिया गया है.शहर की सत्ता पर काबिज होने के लिए झामुमो सतर्क
शहर की सत्ता पर पूर्ण रूप से काबिज होने के लिए झामुमो पूरी तरह से सतर्क है. एक ओर जहां महापौर पद को हासिल करने के लिए झामुमो ने चुनाव में पूरी ताकत लगा दी थी, वहीं अब उप महापौर पर भी कब्जा जमा कर शहर की सरकार बनाने के लिए बेचैन है. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर जहां एक ओर झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू दूरी बनाकर नजर रखे हुए हैं. झामुमो से ही तीन दावेदारों के चुनावी मैदान में उतर जाने से मंत्री सुदिव्य के लिए भी खुले तौर पर हस्तक्षेप करना थोड़ा मुश्किल हो गया है.
