खेत बने तालाब, धान की फसल हुई बर्बाद

Giridih News :बिरनी प्रखंड में पिछले ढाई माह से हो रही बारिश ने किसानों को काफी प्रभावित किया है. बारिश के कारण किसान मकई, भिंडी, झींगा, मूंग, बरबटी, करेला, मूंगफली, अरहर की रोपाई नहीं कर सके. वैसे किसान जिन्होंने बड़ी मुश्किल से अपनी जमीन पर बुआई की, तो बारिश से बीज ही सड़ गया. इसी तरह धान का बीज भी किसानों को दो-दो बार लगाना पड़ा. इधर, गुरुवार की दोपहर हुई बारिश से खेत तालाब में तब्दील हो गये. इससे किसान मायूस हो गये हैं.

बिरनी में गुरुवार को हुई बारिश से किसान मायूस, सड़क पर आयीं मछलियां

बिरनी प्रखंड में पिछले ढाई माह से हो रही बारिश ने किसानों को काफी प्रभावित किया है. बारिश के कारण किसान मकई, भिंडी, झींगा, मूंग, बरबटी, करेला, मूंगफली, अरहर की रोपाई नहीं कर सके. वैसे किसान जिन्होंने बड़ी मुश्किल से अपनी जमीन पर बुआई की, तो बारिश से बीज ही सड़ गया. इसी तरह धान का बीज भी किसानों को दो-दो बार लगाना पड़ा. इससे किसानों को हजारों रुपये की आर्थिक नुकसान हुआ. अब जब किसानों ने धान की रोपाई किया तो भारी बारिश उन्हें परेशान कर रही है. गुरुवार को लगभग डेढ़ बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश शाम लगभग चार बजे तक होती रही. इसके कारण किसानों का खेत तालाब बन गया. भारी बारिश से खेत के मेढ़ तेज पानी की धार में बह गये. माखमरग- मंझलाडीह के पास दर्जनों किसानों के खेत पानी में डूब गये. इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होने की बात बताई जा रही है.

सड़क पर मछली मारते दिखे लोग

इधर, सरिया-राजधनवार मुख्य मार्ग पर बतलोहिया नदी के पानी बर रहा है. सड़क पर पानी बहता देखकर लोग मच्छरदानी व जाल लेकर दौड़े और मछली मारने लगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PRADEEP KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >