Giridih News :गर्भवती महिला को डराकर किया रेफर, सड़क पर हुई डिलीवरी
Giridih News :बेंगाबाद सामुदायिक अस्पताल में डिलीवरी के लिए आयी एक महिला को ऑन ड्यूटी एएनएम ने पहले डराया, फिर घंटों अस्पताल में रखने के बाद रेफर कर दिया. रेफर के बाद उसे एंबुलेंस की सेवा नहीं दिलायी गयी. पीड़िता परिजनों के साथ पैदल ऑटो की तलाश में अस्पताल से निकले और सड़क की ओर चल पड़े. इस दौरान महिला की डिलीवरी सड़क पर हो गयी.
महिला अस्पताल से चंद कदम ही आगे बढ़ी कि प्रसव वेदना से परेशान होकर पीसीसी पथ पर बैठ गयी. वहां उसकी डिलीवरी हो गयी. डिलिवरी होने की सूचना मिलते ही सहिया सहित एएनएम और अस्पताल कर्मी भागे भागे वहां पहुंचे और ट्रायसाइकिल पर पीड़िता और नवजात को बैठाकर पुनः अस्पताल ले गये. तीन घंटे की प्रतीक्षा के बाद भी ऑन ड्यूटी एएनएम प्रसव कक्ष से ना तो खुद बाहर निकली और ना ही पीड़िता को बाहर निकलने दिया. इससे परिजनों ने अस्पताल की कुप्रबंधन व्यवस्था के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली. देर शाम तक परिजन अस्पताल में ही डटे हुए थे.
क्या है मामला
लुप्पी पंचायत के धोबनी गांव के मंगल सोरेन अपनी पुत्री रूपा हांसदा को दूसरी डिलेवरी के लिए सोमवार की सुबह दस बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाये. उनके साथ घर की अन्य महिलाओं के साथ पंचायत के लोधरातरी गांव की सहिया बेबी देवी भी थी. सुबह से लेकर दोपहर तक महिला प्रसव के इंतजार में वार्ड के बाहर बैठी रही. इस दौरान ऑन ड्यूटी एएनएम ने महिला को चेकअप के बाद बताया कि नार्मल डिलिवरी संभव नहीं है. इसे खून की भी कमी है. तरह-तरह की डरावनी बातें बताकर बाहर ले जाने की सलाह दी. मंगल सोरेन के अनुसार एएनएम ने उसे कई तरह की बातों से डरा दिया, जिससे वे भयभीत हो गये और पैसे के इंतजाम में जुट गये. उसे डिलिवरी का कागज भी नहीं दिया गया. शाम के सवा चार बजे वे विवश होकर अपनी पुत्री को लेकर पैदल सडक की ओर ऑटो पकड़ने के लिए निकल पड़े. वे अस्पताल से महज 50 फीट की दूरी तक ही निकले थे कि पीडिता प्रसव वेदना से बैठ गयी, जहां उसने एक बच्चे को जन्म दे दिया.
नहीं दी गयी रेफर पर्ची
मंगल के अनुसार अस्पताल से रेफर करने की पर्ची भी उसे नहीं दी गयी और ना ही यहां से एंबुलेंस की सेवा मिली. कहा कि अस्पताल की चरमरायी व्यवस्था से उसकी पुत्री व नवजात की जान भी जा सकती थी. प्रसव के लिए अस्पताल लाने के लिए तमाम तरह की सुविधा व दावा किये जाने की पोल खुल जाने से अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया है. एएनएम प्रसव कक्ष से घंटों बाद भी बाहर नहीं निकली. इधर, एंबुलेंस के चालक बीरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि 108 वाहन अस्पताल में खड़ा था. काॅल करने पर सेवा देने की पूरी व्यवस्था है, लेकिन किसी ने काॅल ही नहीं किया गया. इससे पता चलता है कि प्रसव पीड़िता को निजी अस्पताल में ले जाने की तैयारी थी. जांच में इसका खुलासा हो सकता है. इधर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ महेश गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
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