गिरिडीह. नगर थाना क्षेत्र के झिंझरी मोहल्ला में फिजियोथेरेपी क्लीनिक की आड़ में नर्सिंग होम संचालित करने के आरोपी फर्जी चिकित्सक को नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. आरोपी पिछले 64 दिनों से फरार चल रहा था.
पुलिस ने गुरुवार की अहले सुबह करीब चार बजे देवघर स्थित किराये के मकान में छापेमारी कर उसे दबोचा. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
बताया जाता है कि आरोपी चिकित्सक के यहां इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाने के बाद एक युवक की मौत हो गयी थी. घटना के बाद से ही आरोपी अपने पूरे परिवार के साथ फरार था.
पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की थी. जानकारी के अनुसार पचंबा थाना क्षेत्र के 28 नंबर निवासी राजकुमार पासवान कंधे में दर्द की शिकायत को लेकर झिंझरी मोहल्ला स्थित डॉ. एनके सिन्हा के फिजियोथेरेपी क्लीनिक में इलाज कराने पहुंचे थे.
आरोप है कि इलाज के दौरान चिकित्सक ने उन्हें इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद राजकुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गयी. इसके बाद उनकी हालत लगातार खराब होती चली गयी और अहले सुबह उनकी मौत हो गयी. युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने क्लीनिक में जमकर हंगामा किया था. घटना को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए सूबे के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने भी संज्ञान लिया था. इधर आरोपी चिकित्सक के फरार होने के बाद नगर थाना पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी. गुरुवार की अहले सुबह पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी देवघर में किराये के मकान में छिपा हुआ है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की और करीब चार बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गिरिडीह लाया गया जहां आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
