गिरिडीह. गावां प्रखंड के सेरुआ निवासी धनेश्वर यादव (85) की जंगली बिरनी के हमले में मौत हो गयी. शनिवार की शाम जंगली बिरनियों ने उन पर हमला कर दिया था. हमले में उनके शरीर पर कई जगह डंक लगे. परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गये. वहां डॉ. काजिम खान ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बाहर रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन उन्हें बेलाटांड़ अस्पताल ले गये, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.
लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत
धनेश्वर यादव की मौत के बाद ग्रामीणों के अनुसार प्रखंड में जंगली बिरनी के हमले से मरने वालों की संख्या तीन हो गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बिरनी के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं. ग्रामीणों के अनुसार, लगभग प्रतिदिन बिरनी के हमले से प्रभावित लोग इलाज के लिए गावां सीएचसी पहुंच रहे हैं. लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है.
जंगल और आसपास के इलाकों में बढ़ा प्रकोप
ग्रामीणों के अनुसार, जंगल और आसपास के क्षेत्रों में जंगली बिरनियों का प्रकोप बढ़ गया है. हमले के डर से लोग खेत, जंगल और अन्य सुनसान स्थानों पर जाने से बच रहे हैं. खासकर जंगल और खेतों में काम करने वाले लोगों में चिंता बढ़ गयी है.
प्रशासन से सुरक्षा और जागरूकता अभियान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से जंगली बिरनियों के बढ़ते हमलों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है. लोगों ने जंगल एवं आसपास के इलाकों में सुरक्षा और जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की है, ताकि ग्रामीणों को ऐसे हमलों से बचाव के उपायों की जानकारी मिल सके.
ये भी पढ़ें: JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी मामले में बेंगाबाद के चार सफल अभ्यर्थियों को CID का नोटिस, समीर से पूछताछ में मिले सुराग
