महापर्व को महज चार दिन शेष रह गये हैं, पर अभी तक विभिन्न क्षेत्रों में घाट निर्माण या साफ-सफाई नहीं होने से गंदगी की स्थिति विकट हाे गयी है. इस उदासीनता से श्रद्धालु चिंतित हैं. जनप्रतिनिधियों की चुप्पी व प्रशासनिक उदासीनता से निराश व्रतियों ने कहा कि हालात यही रहा तो पवित्र संकल्प और रीति-रिवाजों का निर्वाह कठिन हो जायेगा.
इन स्थलों पर नहीं बने हैं घाट
खोरीमहुआ अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत घोड़थंभा, डोरंडा, बलहरा, तारानाखो, गोरहंद, जटहा केंदुआ आदि के अधिकांश छठ घाटों पर इस बार कोई व्यवस्थित घाट नहीं बना है. इन क्षेत्रों में न तो घाटों की पक्की सतह बनायी गयी है, न ही जल-निकासी व सफाई की उचित व्यवस्था ही हो पायी है. हालांकि कई धार्मिक-सांस्कृतिक संगठन व स्थानीय स्वयं सेवक आगे आकर घाटों की मरम्मत और सफाई का काम हाथ में ले लिया है.
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