कहा कि भू-अर्जन से संबंधित कार्यों को किसी भी सूरत में लंबित ना होने दें. साथ ही इस कार्य में जो भी समस्याएं आ रही हैं, उनका निराकरण संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ आपसी समन्वय स्थापित करते हुए करें. इसके अलावे डीसी ने विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े योजनाओं की समीक्षा करते हुए भू-हस्तांतरण, भू-अधिग्रहण, वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र व योजनाओं से जुड़े क्लियरेंस लेने में हो रही देरी पर संबंधित विभागों के अधिकारियों व कार्यपालक अभियंताओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि योजनाओं के लिए स्थल चिह्नित करने अथवा कार्य में देरी ना हो. तय समय पर योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जा सके. डीसी ने एनएचएआई, राष्ट्रीय उच्च पथ, पथ निर्माण विभाग, भवन प्रमंडल, पथ निर्माण विभाग, आरओबी निर्माण आदि द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए भू-अर्जन के कार्यों को गति देने का निर्देश दिया.
समय पर पूरा करें काम
साथ ही भू-अर्जन, भू-हस्तांतरण व मुआवजे से जुड़े कार्यों को तय समय अनुसार पूर्ण करने का निदेश संबंधित विभाग के अधिकारी को दिया. डीसी ने भवनों के मूल्यांकन से जुड़े कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता को दिया. समीक्षा बैठक के दौरान डीसी ने म्यूटेशन, दाखिल खारिज के अलावा अन्य कार्यों का निराकरण करने का निर्देश दिया. सभी सीओ से कहा कि जमीन का म्यूटेशन दाखिल-खारिज, लगान रसीद से संबंधित कार्यों का समय पर निष्पादित करें.
डीसी से मनरेगा के कार्यों की जांच की मांग, आवेदन सौंपा
सदर प्रखंड अंतर्गत खावा पंचायत के ग्रामीणों ने शुक्रवार को डीसी को एक आवेदन देकर पंचायत में चल रहे मनरेगा कार्यों की जांच की मांग की है. डीसी के दिये आवेदन में ग्रामीणों ने कहा कि मनरेगा योजनाओं में मनरेगा के प्रावधानों के विपरीत कार्य करवाते हुई योजनाओं में गड़बड़ी की गयी है. आवेदन में रविशंकर, सुरेंद्र यादव, कुलदेव मंडल, सुरेश ठाकुर, सीताराम गोप, गोपाल सिंह, रामू यादव, विनय सिंह, सुभाष सिंह, मुकेश कुमार सिंह, तुलसी दास, नारायण दास आदि दर्जनों ग्रामीणों का हस्ताक्षर है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
