जानकारी के अनुसार गिरिडीह कोलियरी से रेलवे रैक से विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों और उद्योगों तक कोयला भेजा जाता है. रेलवे साइडिंग से लेकर कई संवेदनशील स्थानों तक ये अपराधी सक्रिय रहते हैं. कोयला लदे रैक के धीमे होते ही ये लोग बोगियों पर चढ़कर कोयला नीचे फेंकने लगते हैं. इसके बाद जमीन पर मौजूद लोग बोरे और छोटे वाहनों के जरिये कोयले को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा देते हैं.
पिछले दिनों एक हत्या भी हो चुकी है
स्थानीय लोगों का कहना है कि संगठित गिरोह लंबे समय से यह धंधा संचालित कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक कोयला चोरी रोकने के दौरान सीसीएल सुरक्षा कर्मियों और धंधा में लगे लोगों के बीच कई बार मारपीट हो चुकी है. कुछ मामलों में सुरक्षा कर्मियों पर पथराव तक किया गया है. पिछले दिनों झड़प की घटना में एक युवक की हत्या भी हो चुकी है.
अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड काफी नहीं
प्रबंधन ने कोयला चोरी रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दावा किया है. रेलवे साइडिंग में अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गयी है. साथ ही मुफस्सिल थाना पुलिस से भी सहयोग लिया जा रहा है. बावजूद इसके चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है.
स्थानीय स्तर पर नेटवर्क की सक्रियता
जानकारों का कहना है कि कोयला चोरी के पीछे स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेटवर्क बड़ी वजह है. चोरी का कोयला आसपास के ईंट-भट्ठों, छोटे कारखानों और अवैध कारोबारियों तक पहुंचाया जाता है. इससे सीसीएल को हर महीने लाखों के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जतायी जा रही है.
कार्रवाई होती रही है
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कोयला चोरी में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है. कई बार छापेमारी कर अवैध रूप से जमा कोयला जब्त किया गया है. अवैध कोयला लदी बाइक भी जब्त की गयी है. बहरहाल कोलियरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही यह समस्या प्रबंधन व पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बन गयी है.
चोरी पर काबू नहीं पाया गया तो रैक डिस्पैच बंद करना पड़ सकता है : जीएम
गिरिडीह एरिया के महाप्रबंधक गिरीश कुमार राठौर का कहना है कि गिरिडीह सीपी साइडिंग से प्रतिदिन एक रैक कोयला भेजा जाता है. उन्होंने कहा कि इस दौरान कोयला की भारी लूट होती है. इस लूट से सीसीएल, रेलवे एवं पावर प्लांट को बहुत नुकसान हो रहा है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस से इस पर रोक लगाने की मांग की है. कहा कि इस वारदात से हादसे का अंदेशा बना रहता है. उन्होंने कहा कि यदि पुलिस के सहयोग से इस पर काबू नहीं पाया गया तो कोयले का प्रेषण बंद करना पड़ेगा. इससे बिजली संकट और गहरा सकता है.
चलते रैक से कोयला चोरी खतरनाक : पीओ
गिरिडीह कोलियरी के पीओ जीएस मीणा ने कहा कि चलती मालगाड़ी से कोयले की चोरी काफी खतरनाक है. बावजूद इसके कई लोग रैक पर चढ़कर कोयले की चोरी कर रहे हैं. चलते रैक पर चढ़कर कोयला उतारा जाता है.इससे कंपनी को नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि कोयला चोरी पर रोक के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जा रही है. मुफस्सिल थाना पुलिस से सहयोग भी लिया जा रहा है.
