Giridih News :मॉडल डिग्री कॉलेज में चहारदीवारी निर्माण में विवाद

Giridih News :बिरनी प्रखंड मुख्यालय के बगल में बना मॉडल डिग्री कॉलेज की चहारदीवारी निर्माण विवादों में फंस गया है. ग्रामीणों ने 10 की जगह छह एकड़ में निर्माण का विरोध कर रहे हैं.

10 की जगह छह एकड़ जमीन पर निर्माण का ग्रामीणों ने किया विरोध

स्वीकृत नक्शा के अनुरूप कार्य नहीं होने पर डीसी ने भवन निर्माण विभाग को दिया था जांच का आदेश

बिरनी प्रखंड मुख्यालय के बगल में बना मॉडल डिग्री कॉलेज की चहारदीवारी निर्माण विवादों में फंस गया है. डिग्री कॉलेज को प्राप्त 10 एकड़ जमीन की मापी पूर्व सीओ सारांश जैन ने सीमांकन करवाया था. सीमांकन के दौरान संवेदक रामकिशोर राय भी उपस्थित थे. बावजूद सीमांकन जमीन पर चहारदीवारी नहीं कर पुनः जैसे-तैसे कार्य किया जा रहा है. ज्ञात हो कि डिग्री कॉलेज को प्राप्त 10 एकड़ जमीन की जगह मात्र छह एकड़ जमीन पर चहारदीवारी निर्माण की गिरिडीह उपायुक्त को मिली, तो उन्होंने प्रबंधक सह सहायक अभियंता झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड परियोजना कार्यान्वयन इकाई गिरिडीह को जांच करने का निर्देश दिया था. इधर, संवेदक ने जमीन अतिक्रमण व विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने का हवाला दिया था. चहारदीवारी कार्य नियमानुसार नहीं कराये जाने से से ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है.

सीओ से मिलने पहुंचे मुखिया व ग्रामीण

नाराज सिमराढाब के कई ग्रामीण व मुखिया दिलीप दास, सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा आदि शुक्रवार को काम रोकने की मांग को लेकर सीओ संदीप मधेशिया के कार्यालय पहुंचे, लेकिन सीओ नहीं मिले. पता जला कि जिला मीटिंग में शामिल होने गये हैं. इसके बाद सभी लोग वापस लौट गए. मुखिय व सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि विभाग व संवेदक उपायुक्त का आदेश भी नहीं मान रहे हैं. मनमाने तरीके से चहारदीवारी का काम किया जा रहे है. कहा कि किसी भी कीमत पर डिग्री कॉलेज की जमीन का अतिक्रमण नहीं होने दिया जायेगा. जब भी चहारदीवारी होगी तो डिग्री कॉलेज की 10 एकड़ जमीन पर होगी. कहा कि इस मामले से केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी व विधायक नागेंद्र महतो को अवगत कराया जा चुका है. संवेदक रामकिशोर राय ने बताया कि उन्हें 750 मीटर चहारदीवारी कार्य करने का प्राक्कलन प्राप्त है. प्राक्कलन के तहत वह कार्य कर सकते हैं.

क्या कहते हैं सीओ :

सीओ संदीप मधेशिया ने कहा कि काम को बंद करा दिया गया है. पहले जेसीबी मशीन से 10 एकड़ भूमि की खुदाई नहीं करायी जायेगी. इसके बाद पूरे जमीन पर चहारदीवारी निर्माण कराया जायेगा.

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By Prabhat khabar news desk

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