प्रतिनिधि, गिरिडीह.
नगर भवन में मंगलवार को महिला एवं बाल विकास केंद्रीय मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई. इस मौके पर जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत संरचनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं आमजनों से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गयी. बैठक के दौरान डीसी रामनिवास यादव ने विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों एवं क्षेत्रीय समस्याओं की विस्तृत जानकारी दी.गर्मी में विद्युत समस्याओं को लेकर हुई विशेष समीक्षा :
बैठक के दौरान जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी एवं तकनीकी कारणों से उत्पन्न हो रही विद्युत समस्याओं की विशेष समीक्षा की गयी. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को आमजनों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा तकनीकी खराबियों का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली एवं पेयजल दोनों आमजनों की प्राथमिक आवश्यकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.जल जीवन मिशन व पेयजल व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा :
बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं जिले में पेयजलापूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई. केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिया कि भीषण गर्मी को देखते हुए जिले में आमजनों के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिया कि जलापूर्ति योजनाओं की सतत निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की जाए, जिसमें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाए. साथ ही खराब पड़े पानी टैंकरों एवं पानी टंकियों की अविलंब मरम्मत की जाये. जहां आवश्यकता हो वहां वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा जल संकट वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी टैंकर भेजने का निर्देश दिया. वहीं आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि राशन वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता ना हो. सभी लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय. जन वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी कर शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो. बैठक के दौरान मनरेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण, समाज कल्याण, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, विद्युत एवं आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई. केंद्रीय मंत्री ने सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने की बात कही. उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आधारभूत संरचना को लेकर दिए गए कई निर्देश :
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि सभी पीएचसी एवं सीएचसी में चिकित्सक, दवा, मेडिकल उपकरण एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाये. यह भी सुनिश्चित किया जाय कि चिकित्सक नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्रों में उपस्थित रहें. विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंता, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को संयुक्त रूप से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा सड़क, पुलिया एवं अन्य आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया.बैठक में ये थे मौजूद :
एसपी डॉ बिमल कुमार, डीडीसी स्मृता कुमारी, जिप अध्यक्ष मुनिया देवी, प्रखंड प्रमुख पूनम देवी, अपर समाहर्ता बिजय सिंह बिरूआ, उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक, एसडीएम धीरेंद्र कुमार, सिविल सर्जन बच्चा प्रसाद सिंह सहित सभी प्रखंड प्रमुख, सभी एसडीएम, जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी कार्यपालक अभियंता सहित कई विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे. लक्ष्य आधारित कार्यशैली से विकास योजनाओं को मिलेगी गति : सुदिव्यझारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि योजनाओं का सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को धरातल पर गति देने के लिए विभागीय तालमेल अत्यंत आवश्यक है. मंत्री ने निर्देश दिया कि दिशा की अगली बैठक के पूर्व सभी विभाग अपने-अपने कार्यों का विस्तृत रोडमैप तैयार करें, ताकि क्षेत्रवार आवश्यकताओं का विश्लेषण कर योजनाओं को लक्ष्य आधारित तरीके से क्रियान्वित किया जा सके. उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को चिह्नित कर योजनाओं को उसी अनुरूप प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे आमजनों को सीधा लाभ मिल सके. उन्होंने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ कार्य करने की बात कही. उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य ही सरकार की प्राथमिकता है.
विकास की अवधारणा को सुचारू रूप प्रदान करना उद्देश्य : चंद्रप्रकाशगिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों की बहुआयामी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में कार्य होना चाहिए.
संवेदनशीलता के साथ करें कार्य : डॉ सरफराजझामुमो के राज्य सभा सांसद डॉ सरफराज अहमद ने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को योजनाओं से जोड़ने एवं रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीर प्रयास किया जाना चाहिए.
विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति पहुंचायें : नागेंद्रबगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जाए. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाये.
जरूरतमंद लाभुकों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ मिले : मंजूजमुआ विधायक मंजू कुमारी ने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं का लाभ वंचित एवं जरूरतमंद लोगों तक सरल एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे. योजनाओं का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएये, ताकि आमजनों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना ना करना पड़े.
रोजगार सृजन को प्राथमिकता दिया जाये : जयरामडुमरी विधायक जयराम महतो ने प्रवासी मजदूरों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि जिले के श्रमिकों एवं युवाओं को गृह जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीर प्रयास किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से पलायन में कमी आयेगी एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. उन्होंने विभिन्न राज्यों में कार्यरत प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने की बात कही. उन्होंने कहा कि ऐसे मजदूरों की समस्याओं पर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए सहयोग एवं सुरक्षा उपलब्ध कराना चाहिए.
गुणवत्तापूर्ण व संवेदनशील प्रशासन ही जनविश्वास को मजबूत करता है : डीसीडीसी रामनिवास यादव ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचे. उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करें तथा विकास योजनाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए.
