मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हेठलापीठ निवासी छोटू दास (30) का शव छह नवंबर 2024 को सिमरियाधौड़ा में पड़ा मिला था. शरीर पर चाकू से गिये गये गंभीर वार के निशान थे, इस मामले में 14 महीनों के बाद पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि छोटू के दोस्तों ने ही खाने-पीने के दौरान हुए विवाद के बाद उसकी हत्या की थी. पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरवाडीह निवासी रहबर अंसारी उर्फ छोटू उर्फ छोटे (25) और शमीम अंसारी उर्फ अफसर उर्फ लंगड़ा (24) के रूप में हुई है. सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने बताया कि वर्ष 2024 के छह नवंबर को मुफस्सिल थाना की पुलिस को सूचना मिली थी कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हेठलापीठ निवासी 30 वर्षीय छोटू दास का शव सिमरियाधौड़ा में पड़ा हुआ है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां शव के शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान पाए गए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. तकनीकी साक्ष्य, सूत्रों से मिली जानकारी और लगातार अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि की. इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
साक्ष्य नहीं मिलने से भटकी जांच, अहम सुराग से खुला छोटू हत्याकांड का राज
घटना के बाद मृतक छोटू दास की पत्नी धनेश्वरी देवी के फर्दबायन के आधार पर मुफस्सिल थाना की पुलिस ने कांड संख्या 335/24 के तहत नौ नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सदर एसडीपीओ जीतवाहन ओरांव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जो लगातार मामले की जांच में जुटी रही. जांच के क्रम में पुलिस को नौ नामजद आरोपियों के विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल सका, जिससे मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई. इसी बीच पुलिस को यह जानकारी मिली कि घटना के दिन दोनों गिरफ्तार आरोपी हाथ में चाकू लेकर इलाके में घूमते हुए देखे गए थे. इस सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के घर छापेमारी की, लेकिन दोनों आरोपी फरार पाए गए. छापेमारी के दौरान आरोपियों का फरार होना पुलिस के संदेह को और मजबूत कर गया. पुलिस को इसके बाद स्पष्ट हो गया कि दोनों आरोपियों ने ही मिलकर छोटू दास की हत्या की है. आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की और अंततः उन्हें गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा करने में सफलता हासिल की.हत्या करने के बाद देवघर में छिपा था मुख्य आरोपी रहबर अंसारी
छोटू दास हत्याकांड को अंजाम देने के बाद इस मामले का मुख्य आरोपी रहबर अंसारी देवघर फरार हो गया था. देवघर में शरण लेने के कारण पुलिस काफी समय तक उसे पकड़ने में सफल नहीं हो पा रही थी. इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि कुछ दिनों पूर्व रहबर अंसारी अपने घर आया हुआ था. सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस ने जांच तेज कर दी और गुप्त सूचना के आधार पर देवघर में छापेमारी करते हुए रहबर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उसे गिरिडीह लाया गया, जहां कड़ाई से पूछताछ के दौरान उसने इस हत्याकांड में शमीम अंसारी की संलिप्तता की जानकारी दी. रहबर की निशानदेही पर मुफस्सिल पुलिस ने छापामारी कर शमीम अंसारी को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू और मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया है. छापेमारी में मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, एसआई मुकेश पंडित, एसआई संजय कुमार, एसआई राम बच्चन राम, एसआई सैलेंद्र कुमार, एएसआई राहुल रंजन सिंह, आरक्षी आदित्य कुमार और आरक्षी बबुआ मंडल शामिल थे.
पुरानी रंजिश में की गयी थी हत्या : एसडीपीओ
प्रेस वार्ता के दौरान सदर एसडीपीओ जीतवाहन ओरांव ने बताया कि छोटू दास हत्याकांड में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि मृतक से उनका पूर्व से आपसी रंजिश चल रहा था. इसी रंजिश के कारण उन्होंने मिलकर छोटू दास की हत्या की और घटना के बाद फरार हो गए थे. बताया कि पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
