दरगाह परिसर में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी पड़ी और फिजा सूफी रंग में रंग गई. कार्यक्रम की शुरुआत चादरपोशी के साथ हुई, जिसमें अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादर चढ़ाकर अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी. पारंपरिक रस्मों के बाद देर रात तक चलनेवाले सूफियाना कव्वाली कार्यक्रम ने महफिल में रूहानी माहौल बना दिया.
नात, मनकबत और सूफी कलाम
मशहूर कव्वालों ने एक से बढ़कर एक नात, मनकबत और सूफी कलाम पेश कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. आयोजन को सफल बनाने में मो तैयब, मो कासिम, मो सराज, मो साहेबजन, मो मुरीद आलम, मो शमीम, मो मिराज और मो गुलाम सहित स्थानीय युवाओं की अहम भूमिका रही.
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