Giridih News: प्रताड़ना की आरोपित शिक्षिका व छात्रा के मामले को ले बीइइओ ने की बैठक

Giridih News: छात्रा की मां रीता देवी ने कहा कि मेरी बेटी के साथ जो भी हरकत मैडम द्वारा की गई उससे हमें कोई तकलीफ नहीं थी. जब हम अपनी बेटी को 21 अगस्त को विद्यालय पहुंचाने गये तो मैडम ने गेट पर ड्युटी करनेवाली महिला को हिदायत दे दी कि छात्रा को अंदर नहीं आने देना. इसके बाद मेरी बेटी को स्कूल से निकाल दिया गया. इससे मुझे दुःख हुआ था. मुझे तीन बच्चे हैं पति नहीं हैं. आखिर गरीब का दुःख सुननेवाला कोई नहीं है. मेरी गरीबी को देखकर मेरी बेटी के साथ इस तरह का बर्ताव किया गया.

पोबी गांव की एक छात्रा ने जमुआ कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय की शिक्षिका जॉली कुमारी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था. इसे लेकर सोमवार को जमुआ के बीइइओ अशोक कुमार की अध्यक्षता में बीआरसी कार्यालय में बैठक की गयी, इसमें इसमें समझौत कराया गया. इसमें यह बात सामने आयी कि जमुआ कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय में छात्रा का नामांकन छठे वर्ग में इस वर्ष 15 जून को किया गया था. बच्ची को विद्यालय की पूर्ववर्ती छात्रा अपने साथ नहीं रख रही थी. इस वजह से जॉली कुमारी उसे अपनी निगरानी में रख रही थीं. एक दिन उन्होंने छात्रा से एक बाल्टी पानी मंगवा लिया. यह बात छात्रा को नागवार लगी. इसके बाद उसने यह बात अपनी मां रीता देवी काे बताया, इसे लेकर मामला गंभीर हो गया.

पानी मांगवाने से कोई परेशानी नहीं, छात्रा को स्कूल से निकाला गया था : छात्रा की मां

छात्रा की मां रीता देवी ने कहा कि मेरी बेटी के साथ जो भी हरकत मैडम द्वारा की गई उससे हमें कोई तकलीफ नहीं थी. जब हम अपनी बेटी को 21 अगस्त को विद्यालय पहुंचाने गये तो मैडम ने गेट पर ड्युटी करनेवाली महिला को हिदायत दे दी कि छात्रा को अंदर नहीं आने देना. इसके बाद मेरी बेटी को स्कूल से निकाल दिया गया. इससे मुझे दुःख हुआ था. मुझे तीन बच्चे हैं पति नहीं हैं. आखिर गरीब का दुःख सुननेवाला कोई नहीं है. मेरी गरीबी को देखकर मेरी बेटी के साथ इस तरह का बर्ताव किया गया.

क्या कहती हैं शिक्षिका

जमुआ कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय की शिक्षिका जॉली कुमारी ने कहा कि मैं छात्रा को अपनी बेटी का दर्जा देते हुए अपनी निगरानी में रख रही थी. मैं किसी तरह का कोई निजी कार्य करने के लिए किसी छात्रा पर दबाव नहीं डालती हूं. अगर किसी अभिभावक को मेरे प्रति किसी तरह की शिकयत मिलती है, तो मुझे इसकी जानकारी दें.

क्या कहते हैं बीइइओ

जमुआ के बीइइओ अशोक कुमार ने कहा कि दोनों की नासमझी से ये सभी बातें सामने आयी हैं. दोनों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया गया है. छात्रा की मां को अपनी बेटी को 28 अगस्त को विद्यालय में पहुंचा देने का निर्देश दिया गया है. समझौते के वक्त आजसू के जिला कार्यकारी अध्यक्ष शंकर यादव, बीपीओ छोटेलाल साहू, रज्जाक अंसारी आदि मौजूद थे.

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By MAYANK TIWARI

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