बगोदर के कपड़ा व्यापारी के बेटे ने मैट्रिक की परीक्षा में हासिल किया 8वां स्थान

गिरिडीह जिले के बगोदर के कपड़ा व्यापारी के बेटे पवन कुमार ने मैट्रिक परीक्षा में पूरे झारखंड में आठवां स्थान हासिल किया है. माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है.

बगोदर, कुमार गौरव : गिरिडीह जिले के बगोदर के कपड़ा व्यापारी के बेटे ने कमाल कर दिया है. झारखंड बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा में उसने 8वां स्थान हासिल किया है. बगोदर हाई स्कूल के छात्र पवन कुमार की इस सफलता से माता-पिता फूले नहीं समा रहे.

बगोदर में साप्ताहिक हाट में जाकर कपड़ा बेचते हैं पवन के पिता

बगोदर नीचे बाजार के रहने वाले पवन कुमार के पिता पिंकू साव कपड़ा व्यापारी हैं. बगोदर और आस-पास के इलाके में लगने वाले साप्ताहिक हाट में कपड़े बेचते हैं. माता बेबी देवी गृहिणी हैं. पवन कुमार ने बगोदर के अरुण कुमार मेमोरियल सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई की है.

परीक्षा के दौरान पवन ने 10-12 घंटे तक की पढ़ाई

प्रभात खबर से बातचीत में पवन कुमार ने बताया कि परीक्षा के दौरान 10-12 घंटे पढ़ाई करता था. पवन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता- पिता और गुरुजनों को दिया. कहा कि शिक्षक सतीश कुमार का उसकी सफलता में सबसे ज्यादा योगदान है. उनके मार्गदर्शन में ही सभी विषयों पर पकड़ मजबूत हुई और उसका असर रिजल्ट में भी दिखा.

सिविल सर्विसेज में जाने की है पवन कुमार की इच्छा

पवन ने बताया कि वह अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखेगा. वह सिविल सर्विसेज के क्षेत्र में जाना चाहता है. पवन कुमार ने अपने जूनियर छात्रों को संदेश दिया कि परीक्षा में सफलता हासिल करने का कोई शॉर्ट कट नहीं है. कड़ी मेहनत करके सफलता हासिल कर सकते हैं.

पवन की सफलता से बेहद प्रसन्न हैं माता-पिता

पवन कुमार के पिता पिता रिंकू साव ने कहा कि बेटे की सफलता से वे काफी खुश हैं. पवन आगे भी खूब मेहनत करें. और पढ़ें-लिखें और घर, परिवार का नाम रोशन करें. वहीं, मां बेबी देवी ने कहा कि बेटे का रिजल्ट अच्छा आया. आगे बढ़े और घर, गांव का नाम रोशन करे. बेटे की सफलता पर माता- पिता ने उसे मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया.

मैट्रिक की परीक्षा में पवन कुमार को मिले हैं 487 अंक

पवन कुमार चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर है. मैट्रिक की परीक्षा में उसे गणित में 100, हिंदी में 95, अंग्रेजी में 94, साइंस में 99, सोशल साइंस में 99 और आईटी में 87 अंक मिले हैं. उसे कुल 487 अंक प्राप्त हुए हैं.

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By Mithilesh Jha

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