आयुष हत्याकांड के उद्भेदन और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर खोरीमहुआ अनुमंडल कार्यालय के समक्ष पिछले सात दिनों से चल रहा धरना रविवार को पुलिस के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया. खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने मृत आयुष के परिजनों और धरना पर बैठे समर्थकों से वार्ता कर मामले में जल्द गहन अनुसंधान कर हत्याकांड का खुलासा करने का भरोसा दिया. इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की.
परिजनों ने पुलिस को 10 दिनों का समय दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित अवधि में हत्याकांड का उद्भेदन और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे. इस बार भूख हड़ताल के साथ सड़क पर बैठकर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने की चेतावनी दी गयी है.
एसआइटी करेगी मामले के सभी पहलुओं की जांच
वार्ता के दौरान एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि आयुष हत्याकांड की जांच के लिए एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर एसआइटी गठित की गयी है. टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी. पूर्व में पुलिस द्वारा किये गये अनुसंधान की भी समीक्षा की जायेगी.
उन्होंने कहा कि पहले के अनुसंधान में सामने आये तथ्यों के साथ वर्तमान परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को भी ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ायी जायेगी. पुलिस का प्रयास मामले की वास्तविकता सामने लाने और हत्याकांड का जल्द उद्भेदन करने का है.
सकारात्मक रही परिजनों के साथ वार्ता
एसडीपीओ ने कहा कि आयुष के परिजनों के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही. पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है. एसआइटी द्वारा जांच शुरू होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और अब तक सामने आये तथ्यों का नए सिरे से अध्ययन किया जायेगा.
कार्रवाई नहीं हुई तो फिर सड़क पर उतरेंगे
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बसपा नेता दिनेश दास और आयुष के परिजनों ने कहा कि पुलिस के आश्वासन के बाद फिलहाल धरना समाप्त किया गया है. पुलिस को 10 दिनों का समय दिया गया है. इस अवधि में यदि हत्याकांड का खुलासा नहीं हुआ और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन फिर शुरू किया जायेगा.
वार्ता के दौरान धनवार थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार के अलावा आंदोलनकारी सुमनी देवी, धनेश्वरी देवी, मलबा देवी, सारो देवी, पिंकी देवी, मंजू देवी, हेमंती देवी, खमाली देवी समेत अन्य लोग मौजूद थे.
