Giridih News :चातुर्मास : मधुबन में गूंज रहे मंगल प्रवचन व मंत्रोच्चार

Giridih News :सम्मेद शिखर की पावन धरा मधुबन इन दिनों मंगल प्रवचन एवं मंत्रोच्चार से गुंजायमान है. 24 में से 20 तीर्थंकरों की निर्वाणभूमि शिखरजी के विभिन्न संस्थाओं में इन दिनों धार्मिक कार्यक्रमों की धूम मची है. विभिन्न संस्थाओं में विराजमान साधु संतों का वर्षाकालीन चातुर्मास चल रहा है.

सम्मेद शिखर की पावन धरा मधुबन इन दिनों मंगल प्रवचन एवं मंत्रोच्चार से गुंजायमान है. 24 में से 20 तीर्थंकरों की निर्वाणभूमि शिखरजी के विभिन्न संस्थाओं में इन दिनों धार्मिक कार्यक्रमों की धूम मची है. विभिन्न संस्थाओं में विराजमान साधु संतों का वर्षाकालीन चातुर्मास चल रहा है. वर्षायोग चातुर्मास के दौरान साधु संतों के अलावा श्रद्धालु धार्मिक साधना आराधना में लीन हो गए हैं. श्रद्धालु साधु संतों का प्रवचन श्रवण कर धर्म की गंगा में डुबकी लगा रहे हैं. बताया जाता है कि वर्षाकाल में जैन धर्म के साधु संत एक ही जगह रहकर साधना आराधना व धर्म की प्रभावना करते हैं. कहते हैं कि वर्षा ऋतु में असंख्य छोटे छोटे जीव जंतु की उत्त्पत्ति होती है. इस दौरान किसी भी प्रकार के जीव की हत्या न हो, इसलिए जैन धर्म के साधु संत एक ही जगह रहकर साधना आराधना करते हैं. साधु संत धर्म की प्रभावना व धर्म का ज्ञान बांटते है. लोगों को धर्म का मर्म समझाया जाता है. जैन धर्म में वर्षायोग का विशेष महत्व है. उसमें भी शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी में चातुर्मास बिताने का अलग महत्व है. चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन सिद्ध क्षेत्र मधुबन में धार्मिक विधि-विधान चलता रहता है. मधुबन स्थित गुणायतन में साधनारत मुनि श्री समता सागर जी महाराज ससंघ के द्वारा मंगल प्रवचन का लाभ श्रद्धालुओं को मिल रहा है. चहुंओर साधु संतों के प्रवचन से माहौल भक्तिमय हो उठा है. वर्षायोग चातुर्मास कलश स्थापना के अवसर से ही देश विदेश के श्रद्धालु भी शामिल हुए. वर्षाकालीन चातुर्मास की शुरुआत से ही मधुबन में भक्ति की बयार बह रही है. साधु संतों के प्रवचन को श्रद्धालु आत्मसात करने में जुट गए हैं. क्या श्वेतांबर क्या दिगंबर सभी संप्रदाय के श्रद्धालु भक्ति भावना में लीन हैं.

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By PRADEEP KUMAR

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