अरगाघाट रोड निवासी सुरेंद्र श्रीवास्तव की पुत्री नम्रता अखौरी की तबीयत अचानक खराब हो गयी. उसकी मां आभा देवी इलाज के लिए उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंची. वहां मौजूद चिकित्सकों ने स्थिति को देखते हुए तत्काल भर्ती करने की सलाह दी. परिजनों का आरोप है कि जैसे ही नम्रता को स्लाइन चढ़ाया गया, उसकी तबीयत और अधिक बिगड़ने लगी और उसे ठंड लगने लगी. नम्रता के माता-पिता ने बताया कि जब वे अपनी बेटी की बिगड़ती हालत को लेकर डॉक्टरों के पास गये, तो उनसे ठीक से बात करने के बजाये उन्हें डांट-फटकार लगायी गयी. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने ध्यान से स्लाइन की बोतल को देखा तो उसमें रैपर लगा ही नहीं था. यह देखकर वे और अधिक आक्रोशित हो गये. उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सपायरी डेट का स्लाइन चढ़ाया गया.
मामले की जांच करायी जायेगी : सिविल सर्जन :
इस पूरे मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है. अस्पताल में एक्सपायरी दवाओं को पहले ही हटा दिया जाता है और बिना रैपर वाली किसी भी दवा या स्लाइन का इस्तेमाल नहीं किया जाता. कहा कि पूरे मामले की जांच करायी जायेगी.
