डीसी ने कहा कि वर्तमान मौसम परिस्थितियां जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है. ऐसे में सभी संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता व समन्वय के साथ कार्य करना होगा, ताकि किसी भी प्रकार की आपदा या असुविधा से समय रहते निपटा जा सके. डीसी ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती गर्मी केवल असुविधा ही नहीं, बल्कि एक संभावित आपदा का रूप ले सकती है. ऐसे में सभी विभागों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी संवेदनशीलता, तत्परता व समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. डीसी ने पेयजल व स्वच्छता विभाग को निर्देश दिया कि जिले में सभी खराब चापाकल की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाये. ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. निजी व सरकारी जल टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उनके संचालन की जानकारी, जल स्रोतों की सूची, संबंधित फोन नंबर एवं स्थान की जानकारी आम जनता के लिए उपलब्ध करायी जाये. विद्युत विभाग को बिजली आपूर्ति सुचारू रखने की बात कही. साथ ही ओवरलोडिंग व ट्रांसफॉर्मर से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान की जाये.
किसानों के लिए तैयार करें माइक्रो प्लान
कृषि विभाग को किसानों को उपयुक्त फसल चयन के लिए सलाह देने पर जोर दिया. कहा कि इसके लिए विस्तृत माइक्रो प्लान तैयार करें, जिसमें ऐसी फसलों की जानकारी हो जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे सकें. डीसी ने आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि आपदा राहत कोष के तहत प्रत्येक पंचायत को उपलब्ध करायी गई राशि का समुचित व पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाये.
कंट्रोल रूम किये जायेंगे सक्रिय
गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिले में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) सक्रिय किये जायेंगे. डीसी ने कहा कि इस भीषण गर्मी में केवल मनुष्य ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं. इसलिए उनके लिए भी स्वच्छ एवं ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये. सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी सीएचसी एवं पीएचसी में आवश्यक दवाइयों, विशेष रूप से ओआरएस, जीवन रक्षक दवायें एवं अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें. अत्यधिक गर्मी को देखते हुए डीसी अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया.
