नशा मुक्त भारत अभियान को ले कर समाज कल्याण विभाग का कार्यशाला
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के तत्वाधान में गुरुवार को गिरिडीह के एक होटल में नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप, गिरिडीह व डुमरी के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया. श्रीमती कश्यप ने कहा कि गिरिडीह जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से आज नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है. ताकि इस अभियान के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जाये और लोगों को नशे की चपेट में आने से बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि नशा से सिर्फ एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार प्रभावित होता है. समाज में फैल रहे नशे को हम सभी को मिलकर रोकना होगा ताकि आने वाली पीढ़ी को नशा के सेवन से दूर किया जा सके.डायन, कुप्रथा समाज के लिए सबसे बड़ा अभिशाप
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि डायन कुप्रथा समाज के लिए सबसे बड़ा अभिशाप है. इस कुप्रथा को दूर करने के लिए सरकार व जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है. शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज में फैले अंधविश्वास को दूर करने का काम किया जा सके. मौके पर समाज कल्याण विभाग द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान और डायन कुप्रथा के विषय पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया कि डायन प्रथा अंधविश्वास है. झाड़-फूंक को छोड़ो, डॉक्टर से नाता जोड़ो, नशा से दूर रहें, नशा नाश का दूजा नाम, तन मन धन तीनों बेकार, अपना नहीं तो परिवार का ख्याल करो, नशा छोड़कर, सबका कल्याण करों आदि जैसे स्लोगन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया. मौके पर गिरिडीह व डुमरी के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी गिरिडीह, डीसीपीयू यूनिट के संरक्षण अधिकारी, सभी सुपरवाइजर, सेविका, सहायिका समेत अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
