स्थानीय लोगों और राहगीरों के अनुसार रात होते ही टोल प्लाजा के आसपास ट्रकों की लंबी कतार लग जाती है. चालक अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर आराम करते हैं. वहीं, चालकों का कहना है कि टोल प्लाजा के पास गाड़ी खड़ी करने से वह सुरक्षित रहते हैं. चोरी की आशंका कम रहती है. उनके अनुसार यह स्थान अपेक्षाकृत सुरक्षित है, इसलिए वे यहां रुकना पसंद करते हैं. यहां सीसीटीवी लगा हुआ है और गार्ड भी तैनात रहते हैं. हालांकि, इस सुविधा के पीछे छिपा खतरा अब सामने आने लगा है. सड़क के दोनों ओर अनियंत्रित ढंग से खड़ी गाड़ियों के कारण हाइवे पर चलने वाले अन्य वाहनों को काफी परेशानी होती है. कई बार सामने से आ रहे वाहनों को पास देने में कठिनाई होती है, जिससे जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. गुरुवार को हुई भीषण दुर्घटना ने इसे पुख्ता कर दिया है. मालूम रहे कि गुरुवार की सुबह तीन वाहनों की आपसी भिड़ंत के बाद आग लग गयी. इसमें एक ट्रक का चालक व खलासी जिंदा जल गये. लोगों का कहना है कि सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण हादसा हुआ. यदि गाड़ियां खड़ी नहीं रहतीं, तो यह घटना टल सकती थी.
नियमों की अनदेखी बन रही बड़ी वजह
यातायात नियमों के अनुसार नेशनल हाइवे पर किसी भी वाहन को अव्यवस्थित ढंग से खड़ा करना प्रतिबंधित है. मोटर वाहन अधिनियम के तहत सड़क पर इस प्रकार पार्किंग करने पर जुर्माना और कार्रवाई का प्रावधान है. नियम यह भी कहता है कि वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल या ले-बाई में ही खड़े किये जाने चाहिए. इसके अलावा रात के समय वाहन खड़ा करने पर पार्किंग लाइट या चेतावनी संकेत (ट्रायंगल) लगाना अनिवार्य होता है, ताकि अन्य चालकों को पहले से जानकारी मिल सके. लेकिन टोल प्लाजा के समीप खड़े ट्रक के चालकों के द्वारा इनमें से एक भी नियम का पालन नहीं किया जाता है. इसके कारण दुर्घटना होती है. हाइवे पर तेज रफ्तार में वाहन अचानक खड़े ट्रकों को देखकर संतुलन खो देते हैं और गंभीर हादसा होता हैं. स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए यह स्थिति चुनौती बनती जा रही है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गये, तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं. टोल प्रशासन को सख्त निगरानी और नियमों का कड़ाई से पालन कराना चाहिए. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाये. साथ ही ट्रक चालकों के लिए सुरक्षित और निर्धारित पार्किंग स्थल विकसित किये जायें, ताकि वे बिना सड़क बाधित किये विश्राम कर सकें. फिलहाल कुलगो टोल प्लाजा के पास की स्थिति एक चेतावनी है. हाल के दिनों में हुए हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो सड़क पर चलना और भी खतरनाक हो जायेगा.
क्या कहते हैं टोल मैनेजर
इस संबंध में टोल मैनेजर विनोद सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का भी गाइडलाइन है कि टोल के समीप कोई भी वाहन खड़ा करना गलत है. ट्रक के लिए नेशनल हाइवे में कई स्थानों पर ट्रक बाई-ले बने हुए हैं, जहां ट्रैकों को खड़ा करना चाहिए. ट्रक बाई-ले के पास चालकों के आराम करने सहित शौचालय की भी व्यवस्था की गयी है. उन्होंने कहा कि टोल के समीप ट्रकों को खड़ा करना पूरी तरह से गलत है. वे कई बार एनएचएआई के अधिकारियों को इसकी सूचना दे चुके हैं.
सड़क हादसे मामले में प्राथमिकी दर्जडुमरी. कुलगो टोल प्लाजा के समीप गुरुवार को हुए सड़क हादसे में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है. दुर्घटना में एक ट्रक का चालक व खलासी केबिन में फंसकर जिंदा जल गये थे. प्राथमिकी चौकीदार के लिखित बयान पर दर्ज की गयी है. प्राथमिकी में दुर्घटना का कारण बेतरतीब तरीके और गलत दिशा में ट्रकों को खड़ा रहना बताया गया है. इधर, तकनीकी कारणों की वजह से जले हुए शवों का गुरुवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका था. पुलिस की सूचना के बाद मृतक के परिजन शव लेने के लिये पहुंचे हुए हैं. बता दें कि गुरुवार की अहले सुबह कुलगो टोल प्लाजा में तीन ट्रकों की टक्कर में दो ट्रक पूरी तरह जल गये थे. साथ ही एक ट्रक का चालक और खलासी केबिन में फंस जाने के कारण जिंदा जल गये थे. बाद में पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दोनों जले शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया था.
