रात 10.30 बजे के बाद ही पहुंचती है धनवार स्टेशन
पचरुखी-बाघमरी सीमा पर निर्जन स्थल पर अवस्थित है धनवार स्टेशन
नहीं है रोशीन की व्यवस्था, नहीं रहते हैं कर्मचारी
राजधनवार : कोडरमा से मधुपुर (भाया गिरिडीह) जानेवाली ट्रेन के विलंब से चलने के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गयी है. पहले जब यह गाड़ी कोवाड़ से लौटती थी तो धनवार स्टेशन में इसका समय लगभग शाम सात बजे था. वर्तमान में यह गाड़ी मधुपुर तक जाकर लौटती है और धनवार स्टेशन में इसका समय रात 9.30 बजे बताया जाता है, लेकिन यह प्रायः 10.30 बजे के बाद ही धनवार स्टेशन पहुंचती है. बता दें कि धनवार स्टेशन धनवार से तीन किलोमीटर दूर पचरुखी-बाघमरी सीमा पर निर्जन स्थल पर अवस्थित है. स्टेशन पर रोशनी की भी व्यवस्था नहीं है और न ही कोई रेलवे गार्ड या कर्मचारी वहां रहता है.
ऐसे में रात वाली गाड़ी से कोई धनवार स्टेशन पर आना-जाना पसंद नहीं करता. गाड़ी विलंब से चलने के कारण कोडरमा देर से पहुंचती है और ग्रेंडकोड लाइन में चलने वाली कई गाड़ियों को मेल भी नहीं दे पाती, जिस कारण भी लोग इस ट्रेन की बजाय शाम वाली बस से कोडरमा चले जाते हैं. ऐसे में यात्रियों को तो परेशानी हो ही रही है. रेलवे को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है.
पचरुखी के अश्विनी कुमार मोदी, अजीत रजक, प्रभु राणा, लकठाही के मो शमसाद, लपसियाटांड़ के सलामत मियां, सफी मियां, बाघमरी के सुनील सिंह, दशरथ कुंवर, तुलसी पंडित, मनोज सिंह, मोदीडीह के अंबिका प्रसाद, राजेंद्र अग्रवाल, लव कुमार अग्रवाल, पहाड़पुर के प्रकाश बोध, कारुडीह के दिलीप सिन्हा, छोटू साव, रामदेव साव, विनय भारती, शंकर दास, गोदोडीह के रामदेव यादव, शंकर पासवान आदि ने यात्री सुविधा के मुताबिक ट्रेन के समय में परिवर्तन व स्टेशन पर रोशनी-पानी, शौचालय, यात्री शेड व गार्ड आदि यात्री सुविधा मुहैया कराने की मांग की है.
