बताया गया कि बीते शनिवार को बजटो गांव में एक ठेले पर बिक रहे गुपचुप और चाट गांव के बच्चों, महिलाओं व पुरुषों ने खाया था. इसके कुछ ही घंटों बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. पेट दर्द, उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायत के बाद गंभीर रूप से बीमार लोगों को रविवार की रात सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान छह वर्ष एक मासूम की मौत हो गयी, जिससे गांव में मातम पसर गया.
49 लोग हुए थे बीमार
घटना में करीब 49 लोग बीमार पड़े थे, जिन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया. मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. गंभीरता को देखते हुए रविवार देर रात डीसी रामनिवास यादव सहित स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और इलाज की स्थिति की जानकारी ली. इसके बाद डीसी श्री यादव समेत अन्य अधिकारी रात में ही बजटो गांव पहुंचे. गांव में दहशत और भय का माहौल देखते हुए अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर स्तर पर मदद करेगा.
विशेष मेडिकल जांच टीम पहुंची बजटो
घटना को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर एक विशेष मेडिकल टीम का गठन किया गया है. टीम में डॉ सचिन कुमार, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ राजा कुमार, सदर एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते और सदर एसडीपीओ जीतबाहन ऊराओं को शामिल किया गया है. गठित टीम ने रविवार से ही बजटो गांव में कैंप कर प्रभावित बच्चों, उनके परिजनों एवं अन्य ग्रामीणों की व्यापक जांच शुरू की. मेडिकल टीम घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन की. इस दौरान जिनमें हल्के लक्षण पाए गए, उनका मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया गया. जरूरत पड़ने पर अस्पताल जाने की सलाह भी दी गयी.
साफ-सफाई पर दिया गया जोर
स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को साफ-सफाई बनाये रखने, शुद्ध पेयजल का उपयोग करने तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करने को लेकर जागरूक किया. डीसी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है. चिकित्सकों की टीम लगातार सभी मरीजों की स्थिति पर नजर बनायी हुई है. सदर अस्पताल में इलाजरत मरीजों के लिए दवाओं, बेड एवं अन्य चिकित्सकीय संसाधनों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है.
पालमो गांव से संग्रहीत की गयी खाद्य सामग्री
डीसी निर्देश पर सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ठेले और उसके संचालक के ठिकानों पर पहुंचकर सघन जांच की. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ राजा कुमार ने बताया कि ठेला संचालक का घर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पालमो गांव में है, जहां से विभिन्न खाद्य पदार्थों और पानी के नमूने संग्रहित किये गये हैं. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने ठेले में उपयोग किये जा रहे तेल, गुपचुप, आलू का मसाला, छोला, गुपचुप तथा हैंडपंप के पानी का सैंपल लिया है. सभी नमूनों को सील कर उच्च स्तरीय जांच के लिए रांची और कोलकाता की प्रयोगशालाओं में भेज दिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि फूड प्लाइजनिंग का वास्तविक कारण क्या था और किस स्तर पर लापरवाही हुई. डॉ राजा कुमार ने बताया कि इस घटना में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुल छह गांवों के 49 लोग फूड प्लाइजनिंग के शिकार हुए हैं. प्रभावित गांवों में सलैयापहरी, बेरदोंगा, खेरमा, ललकीटांड़, कुमहरगड़िया और बजटो शामिल हैं. इनमें सबसे अधिक मरीज बजटो गांव से आये हैं, जहां एक मासूम बच्चे की मौत के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया था. उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने सभी प्रभावित गांवों में पहुंचकर घर-घर जाकर जांच की है. इस दौरान ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया गया और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया.
