27 जनवरी 2010 को दर्ज हुआ था मामला
धनवार थाना अंतर्गत गोदोडीह गांव में पारिवारिक विवाद में हुई थी हत्या
पांच हजार का जुर्माना नहीं देने पर होगा तीन माह का साधारण कारावास
गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश (अष्टम) विनोद कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को पारिवारिक विवाद को लेकर हुई हत्या मामले में टेकलाल महतो को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया है. जुर्माना की रकम जमा नहीं करने पर तीन माह की साधारण कारावास की सजा काटनी होगी. मामला धनवार थाना अंतर्गत गोदोडीह गांव का है. 27.01.2010 को सूचिका सावित्री देवी के बयान पर धनवार थाना में कांड संख्या 15/16 के तहत एक मामला दर्ज किया गया था.
मामले में सूचिका ने कहा कि उसका पति कौशल यादव व देवर गोल्डेन कुमार घर से बाहर रहकर बराबर रुपये भेजते थे और उक्त राशि को उसके ससुर खर्च कर देते थे. कहा कि उसके ससुर नारायण महतो ने स्थानीय ग्रामीण तेजो महतो व भलुटांड़ के नवल राय के साथ बैंक ऑफ इंडिया डोरंडा शाखा गये थे. बैंक ऑफ इंडिया से ससुर अपने बचत खाता से 5775 रुपये निकालकर घर लौटे. इसके बाद उनका छोटा बेटा भुवनेश्वर यादव रुपये मांगने के लिए पहुंचा तो नारायण महतो रुपये देने में टाल-मटोल करने लगे.
यह बात उसके छोटे पुत्र भुवनेश्वर यादव ने अपने चाचा टेकलाल महतो को बताया. जब टेकलाल महतो रुपये के संबंध में नारायण महतो के पास पहुंचे तो नारायण ने उसके साथ गाली-गलौज की. इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गयी और गुस्से में आकर टेकलाल महतो ने लात व घूसा से मारकर नारायण को अधमरा कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी. मामले में धनवार थाना पुलिस ने टेकलाल महतो के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट प्रस्तुत की.
अपर लोक अभियोजक लुकस मरांडी ने अदालत में गवाहों के बयान को कलमबद्ध कराते हुए बहस की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शुकदेव भास्कर ने अपनी दलीलें रखीं. दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने नारायण महतो की हत्या के मामले में टेकलाल महतो को दोषी पाया.
