गिरिडीह : भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में गिरिडीह बंद को सत्ता पक्ष ने विफल करार दिया है. वहीं संयुक्त विपक्ष ने इस बंद को सफल बताया है. गिरिडीह के भाजपा विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण सरलीकरण को यहां की जनता ने सराहा है.जनता पर बंद का कोई असर नहीं पड़ा है. विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है. बंद विफल रहा है.
जमुआ के भाजपा विधायक केदार हाजरा ने कहा कि जनता ने विपक्षी पार्टियों के बंद को नकार दिया है. जमुआ विधान सभा क्षेत्र में बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला. बंद के दौरान विपक्ष की एकता भी तार-तार हो गया. भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश सेठ ने कहा कि गिरिडीह समेत पूरे झारखंड की जनता ने बंद को सिरे से खारिज कर दिया.
भाजपा जिला प्रभारी सुनील साहु ने कहा कि आम जनता ने तो विपक्ष के बंद को नकार ही दिया. मेयर सुनील पासवान ने कहा कि जनता ने विपक्ष के बंद को नकार दिया है. गिरिडीह में बंद का कोई असर नहीं रहा. राज्य की जनता विपक्ष की नौटंकी को समझ चुकी है. जिला महामंत्री देवराज ने कहा कि बंद बिल्कुल बेअसर रहा. जिला मीडिया प्रभारी शुकदेव प्रसाद साहू ने कहा कि विपक्षी पार्टियां जनता को बरगला रही हैं. विपक्ष भूमि अधिग्रहण बिल के मामले को लेकर राज्य में अस्थिरता पैदा कर रहा है.
संयुक्त विपक्ष ने बंद को बताया सफल : संयुक्त विपक्ष ने बंद को सफल बताया है. कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ सरफराज अहमद ने कहा कि बंद पूर्णत: सफल रहा. जनता का सहयोग मिला. उन्होंने इस बिल को काला बिल करार देते हुए सरकार से वापस लेने की मांग की. पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार ने कहा कि बंद में सभी लोगों ने साथ दिया है.
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों व आदिवासियों की जमीन को हड़प कर कॉरपोरेट व पूंजीपतियों को मदद करना चाहती है. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ झारखंडी जनता का आक्रोश आज सड़कों पर दिखा है. झाविमो के केंद्रीय सचिव सुरेश साव ने सरकार के विरोध में बंद को जनसमर्थन प्राप्त हुआ.
माले के राज्य कमेटी सदस्य राजेश यादव एवं राजेश सिन्हा ने कहा कि सरकार का किसान विरोधी, झारखंड विरोधी और कारपोरेट परस्त का चेहरा पूरी तरह से उजागर हो चुका है. राजद जिलाध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने कहा कि जनता में भाजपा सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है. बसपा जिलाध्यक्ष शिव कुमार दास ने कहा कि भाजपा सरकार दलितों, आदिवासियों, पिछड़ो, अल्पसंख्यकों के विरोधी है.
