जीतू पहलवान के निधन पर नगर परिषद अध्यक्ष आशीष सोनी ने जताया शोक

गढ़वा के युवा जीतू पहलवान का रांची में इलाज के दौरान दुखद निधन हो गया है. इस खबर से परिवार और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है. नगर परिषद अध्यक्ष आशीष कुमार सोनी ने गहरा शोक व्यक्त किया है.

गढ़वा. शहर के टंडवा वार्ड नंबर 21 निवासी युवा जीतू पहलवान का रांची में इलाज के दौरान निधन हो गया. उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्यों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. जीतू पहलवान के निधन की खबर मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं. लोगों ने उनके निधन को परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया.

नगर परिषद अध्यक्ष आशीष कुमार सोनी उर्फ दौलत सोनी ने जीतू पहलवान के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे मृतक के परिजनों के साथ हैं. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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