गढ़वा के पपड़वा में महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का किया प्रयास

गढ़वा के डंडा थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते एक महिला ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। महिला का सदर अस्पताल में इलाज जारी है, स्थिति स्थिर है।


गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट

गढ़वा: गढ़वा जिले के डंडा थाना क्षेत्र के पपड़वा गांव में एक महिला ने शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. घटना के बाद परिजनों ने आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर गंभीर स्थिति में गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया.चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है.

घरेलू विवाद में उठाया घातक कदम

घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि शनिवार को किसी घरेलू बात को लेकर महिला और उसके पति के बीच कहासुनी हो गई थी. इसी बात से आक्रोशित होकर महिला अपने घर के एक कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. इसके बाद उसने साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली.

दरवाजा तोड़कर निकाला गया बाहर

काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को संदेह हुआ. आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया. दरवाजा नहीं खुलने पर कुल्हाड़ी की मदद से दरवाजा तोड़कर परिजन कमरे के अंदर पहुंचे. वहां कांति देवी फांसी के फंदे से लटकी हुई मिली.

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गंभीर हालत में पहुंचाया गया सदर अस्पताल

परिजनों ने तत्काल उसे फंदे से नीचे उतारा और गंभीर हालत में इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया. फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति स्थिर बताई गई है.

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लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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